Advertisement

क्या हूतियों से लड़ने के लिए इजरायल से हाथ मिलाएगा सऊदी अरब? बेंजामिन नेतन्याहू की मदद की पेशकश

ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहले से ही बाधित है. अब अगर हूती बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लेते हैं, तो वे लाल सागर से गुजरने वाले तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों पर दबाव बढ़ा सकते हैं.

Latest News
क्या हूतियों से लड़ने के लिए इजरायल से हाथ मिलाएगा सऊदी अरब? बेंजामिन नेतन्याहू की मदद की पेशकश

यमन के ईरान-समर्थित हूतियों ने सऊदी अरब की चिंता बढ़ाई. (AI इमेज)

Add DNA as a Preferred Source

Saudi Arabia vs Houthis: यमन के हूती समूह से मिल रही चुनौती के बीच सऊदी अरब को इजरायल से मदद की पेशकश मिली है. अरब देशों को मदद की पेशकश खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की है. इजरायल की तरफ से मदद के ये हाथ ऐसे समय में बढ़े हैं जब सऊदी अरब सबसे बड़े सुरक्षा संकट का सामना कर रहा है और पाकिस्तान और अमेरिका जैसे देशों ने साथ देने से मना कर दिया है. हूती समूह ने रणनीतिक रूप से अहम बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के पास के कई शहरों और महत्वपूर्ण ठिकानों पर कब्जा कर लिया है. अब सवाल उठता है किया क्या प्रिंस सलमान इस मुश्किल घड़ी में इजरायल की मदद स्वीकार करेंगे या अकेले ही अंसार-अल्लाह के विद्रोहियों से भिड़ेंगे.

इजरायल क्यों दे रहा है मामले में दखल?

लेबनानी समाचार पत्र अल-अखबार और इजरायल के प्रमुख मीडिया पोर्टल द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि इजरायल यमन के ईरान-समर्थित हूतियों के खिलाफ एक बड़े क्षेत्रीय सैन्य अभियान में शामिल हो सकता है. अमेरिकी कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है कि नेतन्याहू ने अरब प्रायद्वीप के देशों को हुती खतरे से निपटने के लिए इजरायली सहायता या सहयोग की पेशकश की है. 

दरअसल यमन के पश्चिमी तट पर हूतियों की बढ़ती मौजूदगी और रणनीतिक 'बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य' से होने वाले कमर्शियल शिपिंग पर खतरा आया तो इजरायल के लिए भी मुश्किल खड़ी हो जाएगी. हूती विद्रोहियों ने पिछले कुछ दिनों में काफी तेज सैन्य अभियान चलाया है और यमन में आगे बढ़ रहे हैं. हूती समूह ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब  के पास रणनीतिक रूप से अहम पेरीम द्वीप और और मोचा बंदरगाह को भी नियंत्रण में ले लिया है. 

दुनिया पर मंडरा रहा नया खतरा...

ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहले से ही बाधित है और यहां से होने वाला व्यापार लगभग न के बराबर हो गया है. अब अगर हूती बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लेते हैं, तो वे लाल सागर से गुजरने वाले तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों पर दबाव बढ़ा सकते हैं. इजरायली अधिकारियों ने ये चेतावनी दी है कि बाब अल-मंदेब पर हूती समूह का नियंत्रण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' की तुलना में निया के लिए अधिक खतरनाक और विनाशकारी साबित हो सकता है. इसके बंद होने से  वैश्विक ऊर्जा और व्यापार मार्ग गंभीर रूप से बाधित हो सकते हैं. 

सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद की

हूतियों के हवाई हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद कर दी है. इस फैसले से समझा जा सकता है कि संकट कितना बड़ा है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह पाइपलाइन एक ड्रोन हमले के बाद बंद की गई. दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं पहले से ही ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से ऊर्जा की कीमतों में आए उछाल से जूझ रही हैं. अब कई देशों में इस बात का डर पैदा हो गया है कि शिपिंग का एक और अहम रास्ता बाधित हो सकता है. सऊदी अरब ने जिस पाइपलाइन को बंद किया है उसका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण ऊर्जा व्यापार पर बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए हो रहा था. हाल के महीनों में इस लाइन से हर दिन 40 लाख से 50 लाख बैरल तेल की सप्लाई हो रही थी.

इजरायली सेना एक और युद्ध के लिए तैयार

हूती विद्रोहियों की हरकतों पर इजरायल की पैनी नजर बनी हुई है. इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर और इजरायली नौसेना के कमांडर वाइस एडमिरल इयाल हरेल ने साफ कहा है कि इजरायल अपने सीमाओं के पास किसी भी आतंकवादी संगठन या कट्टर दुश्मन को अस्तित्व के लिए खतरा नहीं बनने देगा. इजरायली सेना ने कहा है कि लंबी दूरी अब किसी को सुरक्षा की गारंटी नहीं देती. इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए कहीं भी कार्रवाई करने में सक्षम है.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement