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Taiwan vs China: ताइवान के इस नए हथियार से खतरे में चीन! लाइव फायर कर PLA को दी चेतावनी

China-Taiwan: HIMARS सिस्टम में अलग-अलग रेंज के रॉकेट इस्तेमाल किए जाते हैं. इसके गाइडेड रॉकेट की रेंज 150 किमी तक और आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम M39A1 Block IA की रेंज 300 किमी तक है.

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Taiwan vs China: ताइवान के इस नए हथियार से खतरे में चीन! लाइव फायर कर PLA को दी चेतावनी

ताइवान ने अमेरिकी HIMARS सिस्टम के साथ लाइव फायरिंग ड्रिल की है. (AI इमेज)

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Taiwan conducted HIMARS firing drill: चीन की बढ़ती आक्रमकता को देखते हुए ताइवान ने अपने वेस्ट कोस्ट पर पहली बार अमेरिकी HIMARS सिस्टम के साथ लाइव फायरिंग ड्रिल की है. इसे चीनी 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है. ताइवान के वेस्ट कोस्ट को चीन के पहले निशाने के रूप में देखा जाता है. यही कारण है कि ताइवान अपनी तरफ से किसी भी नी हमले को नाकाम करने के लिए मिलिट्री क्षमताएं बढ़ा रहा है.

ताइवान ने आठ जगहों पर एक साथ अभ्यास किया

यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान की सेना ने 9 जून को तटीय अभ्यास शुरू किया था.  यह अभ्यास ताइवान के वेस्ट कोस्ट पर 20 किलोमीटर के दायरे में आठ जगहों पर एक साथ किया गया. रिपब्लिक ऑफ चाइना (ताइवान) आर्मी ने इस अभ्यास को कम तैयारी के समय के साथ वास्तविक युद्ध बताया. ताइवानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 10 जून को ताइवानी सेना ने तेजी से तैनाती की  क्षमता दिखाने के लिए ताइचुंग में दाजिया नदी के किनारे से अलग-अलग इलाकों में सटीक हमले का अभ्यास करने के लिए HIMARS को तैनात किया. 

क्या है  HIMARS?  

HIMARS एक आधुनिक और हल्का मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है जिसे ट्रक पर फिट किया जा सकता है. इसे अमेरिकी सेना के लिए 1990 के दशक के अंत में विकसित किया गया था. सटीक निशाना लगाने के लिए मशहूर HIMARS रॉकेट लॉन्चर सिस्टम  मीडियम टैक्टिकल व्हीकल्स (FMTV) के 5-टन ट्रक चेसिस पर माउंटेड होता है. यह युद्ध की स्थिति में दुश्मन की तोपखाने, एयर डिफेंस और सैन्य ठिकानों पर निशाना साधकर रॉकेट्स की बौछार कर सकता है. पिछले साल अमेरिका ने ताइवान को 11.15 बिलियन डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी थी. इसमें HIMARS रॉकेट लॉन्चर सिस्टम भी शामिल था. 

HIMARS की ताकत और खासियत

HIMARS रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को जरूरत के अनुसार मिनटों में किसी जगह तैनात किया जा सकता है. यह रॉकेट लॉन्च करने के बाद तुरंत स्थान बदल सकता है. ये सिस्टम GPS और इनर्शियल गाइडेंस से लैस है. HIMARS में कई तरह के रॉकेट इस्तेमाल किए जाते हैं. सामान्य तौर पर यह 70–150 किलोमीटर तक की रेंज वाले GMLRS (गाइडेड मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम) रॉकेट फायर करता है. इसके अलावा इस सिस्टम से 300 किलोमीटर तक की रेंज वाली ATACMS (आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम) बैलिस्टिक मिसाइल को भी फायर किया जा सकता है.

चीन के लिए सबसे बड़ा खतरा ये सिंगल बैलिस्टिक मिसाइल ही है. ताइवान के तट से चीन की मुख्य भूमि की दूरी केवल 180 किमी है. ATACMS से ताइवान सीधे चीन को निशाने पर ले सकता है. अगर चीनी युद्धपोत समंदर में उतरते हैं तो HIMARS से उनपर रॉकेट की बौछार की जा सकती है. HIMARS आज के समय में दुनिया भर में मौजूद रॉकेट लॉन्चर सिस्टम से ज्यादा ताकतवर, उन्नत और घातक है. यह डीप स्ट्राइक मिसाइल्स और प्रेसिजन स्ट्राइक मिसाइल्स से भी लैस है. यूक्रेन में इसका उपयोग रूसी कमांड नोड्स और एम्युनिशन डिपो को नष्ट किया गया था. HIMARS के एक पॉड में 6 रॉकेट्स रखे जा सकते हैं. 

बता दें कि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और इसे किसी भी कीमत पर अपने साथ मिलाने की मंशा रखता है. अक्सर चीन के लड़ाकू विमान और युद्धपोत ताइवान के तट के बेहद नजदीक से गुजरते रहते हैं. ताइवान की कोशिश साल 2027 तक अपना रक्षा क्षमताओं को इतना विकसित करने की है जिससे चीन के किसी आक्रमण का करारा जवाब दिया जा सके.

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