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Iran-Israel Conflict: ईरान के खिलाफ लड़ाई में कूदा US तो हर तरफ मचेगी तबाही, डोनाल्ड ट्रंप ने चेताया- अटैक किया तो कहर बरपाएंगे

Iran-Israel Conflict:अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान किसी भी तरीके से अमेरिका पर हमला करता है तो उसे अमेरिका का कहर झेलना पड़ेगा. ट्रंप का ये स्टेटमेंट ईरान के साथ होने वाली न्यूक्लियर टॉक के रद्द होने के बाद आया है.

Iran-Israel Conflict: ईरान के खिलाफ लड़ाई में कूदा US तो हर तरफ मचेगी तबाही, डोनाल्ड ट्रंप ने चेताया- अटैक किया तो कहर बरपाएंगे
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Iran-Israel Conflict: इजराइल और ईराक के बीच हवाई हमले जारी हैं. बीती रात किए गए इजराइली हमलों में ईरान के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर, तेल रिफाइनरी और न्यूक्लियर साइट्स को नुकसान पहुंचाया गया है. इस हमले के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली न्यूक्लियर बातचीत को कैंसिल कर दिया है. ईरान ने कहा है कि बातचीत के लिए माहौल सही नहीं है. अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर ईरान के लिए चेतावनी जारी की है और कहा है कि अगर ईरान किसी भी तरीके से अमेरिका पर हमला करता है तो उसे अमेरिका का कहर झेलना पड़ेगा.

Donald Trump ने लिखा- अमेरिका की पूरी ताकत झोंक देंगे

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, 'ईरान पर हुए हमले से अमेरिका का कोई लेना-देना नहीं है. अगर ईरान हम पर किसी भी तरीके से हमले की कोशिश करता है तो उसे अमेरिकी आर्म्ड फोर्सेस की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा, अमेरिका उस हद तक जाकर ईरान पर कहर बरपाएगा जो उसने आज तक नहीं देखा होगा.' इसके बाद ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका इस कॉन्फ्लिक्ट को खत्म करने के लिए ईरान और इजराइल के बीच डील कराने के लिए तैयार है.

ईरान के खिलाफ इज़राइल ने मांगा अमेरिका का साथ

इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने ऑपरेशन में अमेरिका का साथ मांगा है. इजराइल ने अमेरिका से कहा है कि वो ईरान के फोर्दो न्यूलियर प्लांट को तबाह करने में मदद करे. लेकिन अमेरिका ने इस कॉन्फ्लिक्ट में सीधे शामिल होने से इनकार कर दिया है. अमेरिका ने दोनों देशों के बीच चल रही लड़ाई को रोकने के लिए बातचीत की पेशकश भी की है.

जानकारों का मानना है कि अमेरिका सीधे तौर पर इस लड़ाई में शामिल होने पक्ष में नहीं है, इसकी बड़ी वजह ये है कि अमेरिका फिलहाल इस कोशिश में है कि ईरान के साथ न्यूक्लियर डील हो जाए और उसे न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोका जाए. इसे लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बैठक भी होने वाली थी, जिसे अब ईरान ने टाल दिया है. अगर अमेरिका बिना किसी उकसावे के इस लड़ाई में घुसता है तो ईरान के साथ न्यूक्लियर डील के रास्ते बंद हो जाएंगे.

इतना ही नहीं, अगर अमेरिका इस युद्ध में उतरता है तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ेगा. मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 40 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात हैं. अमेरिका के युद्ध में कूदने पर ईरान उन सैनिकों पर अटैक करके प्रॉक्सी वॉर शुरू कर सकता है. अगर ऐसा होता है तो मिडिल ईस्ट के दूसरे देश भी इस लड़ाई की जद में आ जाएंगे.

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