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Shinzo Abe Murder : इसलिए बड़ी है जापान में पूर्व PM की हत्या; साल में 1,000 से भी कम हैं मर्डर, गिर रहा क्राइम ग्राफ

जापान में कानून और सामाजिक परंपराओं का दायरा इतना सख्त है कि वहां अपराध करना बहुत बड़ी बात मानी जाती है. ऐसे में एक पूर्व पीएम की गोली मारकर हत्या करना कितनी बड़ी बात है, इसका अंदाजा वहां हर साल घटते क्राइम ग्राफ से लगाया जा सकता है.

Shinzo Abe Murder : इसलिए बड़ी है जापान में पूर्व PM की हत्या; साल में 1,000 से भी कम हैं मर्डर, गिर रहा क्राइम ग्राफ

पूरी दुनिया दे रही जापान के पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि

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डीएनए हिंदी : जापान में पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe) के सरेआम मर्डर से जहां पूरी दुनिया दुखी है, वहीं जापानी समाज स्तब्ध हो गया है. इसका कारण है जापान (Japan) में मर्डर ही नहीं किसी तरह के भी क्राइम का कल्चर नहीं होना. आपको बता दें कि जापान को दुनिया के सबसे ज्यादा क्राइम फ्री कंट्रीज में से एक गिना जाता है. 

वहां क्राइम इतना कम है कि आप जानकर हैरान रह जाएंगे. इतना ही नहीं यदि जापान की नेशनल पुलिस एजेंसी की रिपोर्ट को सही माना जाए तो वहां हर साल क्राइम ग्राफ 7.5% नीचे गिर रहा है यानी इतनी आपराधिक घटनाएं हर साल घट रही हैं.

पिछले 8 साल में 1000 से ज्यादा नहीं हुईं हत्याएं

रिसर्च वेबसाइट statista के मुताबिक, जापान में पिछले 8 साल से हर साल मर्डर की कुल घटनाएं घटती जा रही हैं. जहां साल 2014 में जापान में 1054 लोगों की हत्याएं हुई थीं, वहीं साल 2021 में 874 मर्डर दर्ज किए गए. सबसे ज्यादा मर्डर की घटनाएं जापान के कांतो रीजन में दर्ज की गईं.

सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद सबसे कम क्राइम का लगातार टूट रहा रिकॉर्ड

जापान में क्राइम का ग्राफ हर साल नीचे की तरफ जा रहा है. नेशनल पुलिस एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 में जापान में कुल 568,148 क्राइम केस दर्ज किए गए, जो साल 2020 के मुकाबले 7.5% कम थे. इतना ही नहीं वहां साल 2015 में सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद एक साल में दर्ज होने वाले सबसे कम क्राइम केस का नया रिकॉर्ड टूटा था, जो इसके बाद लगातार 7 साल से टूटता ही जा रहा है.

जापान में मर्डर क्राइम के आंकड़े साल 2014 से हर साल घट रहे हैं. (सोर्स-statista)

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट भी बताती है जापान की शांति

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट भी जापानी समाज के शांत और अपराधमुक्त होने की जानकारी देती है. जापान को साल 2018 में ग्लोबल पीस इंडेक् में 9वां स्थान मिला था, जबकि संयुक्त राष्ट्र की ड्रग्स-क्राइम रिपोर्ट में बताया गया था कि जापान में प्रति 100,000 लोगों पर महज 0.28% हत्या की घटना होती हैं. 

क्या है इतने कम क्राइम रेट का कारण

जापान में लगातार क्राइम घटने की जानकारी से आप शायद हैरान होंगे, लेकिन इसके लिए वहां की सख्त सामाजिक परंपराएं, शिक्षा और सख्त कानून जिम्मेदार हैं. दरअसल जापान में पिछले 200 साल से बनाए नियम-कायदे चल रहे हैं, जिनमें क्राइम को लेकर जीरे टॉलरेंस पॉलिसी है. जापान में कम्युनिटी पुलिसिंग बेहद फेमस है, जिसे कोबेन कहा जाता है. हर कोबेन में 2 से 3 पुलिसवाले रहते हैं, जो नागरिकों की मदद करते हैं. जापान में ऐसे 6600 कोबेन बने हुए हैं.

गन कल्चर पर बेहद सख्ती, नहीं मिलता लाइसेंस

एकतरफ आप अमेरिका के गन कल्चर के बारे में पढ़कर हैरान होते हैं कि कैसे वहां जनसंख्या से भी ज्यादा हथियार आम जनता के पास मौजूद हैं. दूसरी तरफ जापान भी है, जहां बंदूक रखने को लेकर नियम-कायदे बेहद सख्त है. वहां बंदूक रखने के लिए लाइसेंस लेने के नियम शायद अमेरिका का वीजा पाने के लिए बने नियमों से भी ज्यादा सख्त हैं. इसके लिए जहां एक टेस्ट देना पड़ता है, जिसमें आपके 95 फीसदी जवाब सही होने चाहिए. वहीं मनोवैज्ञानिक और डोप टेस्ट से भी गुजरना होता है. इसके बाद भी तय नहीं है कि आपको लाइसेंस दे ही दिया जाएगा. आखिरी सहमति पुलिस की होती है, जो लाइसेंस मांगने वाले के रिकॉर्ड की गहन छानबीन करती है.

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