दुनिया
Pentagon ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि चीन के पास साल 2035 तक 1,500 परमाणु हथियार होंगे. ये हथियार भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं.
डीएनए हिंदी: दूसरे विश्व युद्ध (Second World War) में परमाणु हथियारों का विध्वंसक रूप सभी ने देखा था. इसके बाद कभी इन हथियारों के दुनिया में कहीं भी इस्तेमाल की नौबत तो नहीं आई, लेकिन कई बार इन हथियारों के कारण दुनिया के मिटने की नौबत भी आते-आते बची है. इसके चलते शीतयुद्ध के बाद परमाणु हथियारों को लेकर पाबंदियां बढ़ीं और अमेरिका-रूस जैसी वैश्विक महाशक्तियों ने अपने जखीरे को कम करना शुरू किया. लेकिन अब एक बार फिर दुनिया में परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ती दिखाई दे रही है. एकतरफ उत्तर कोरिया (North Korea) खुलेआम परमाणु परीक्षण करते हुए चुनौती दे रहा है, वहीं अमेरिकी रक्षा कार्यालय पेंटागन (US Defence Office Pentagon) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चीन (China) भी तेजी से परमाणु हथियार बढ़ा रहा है. पेंटागन ने रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि चीन जिस तेजी से परमाणु हथियार बना रहा है, उस हिसाब से साल 2035 तक उसके पास करीब 1,500 परमाणु हथियार (Nuclear Warhead) हो जाएंगे.
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क्या कहा गया है पेंटागन की रिपोर्ट में
पेंटागन ने मंगलवार को यह रिपोर्ट पेश की है, जिसमें चीन की परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाने की मंशा को लेकर सवाल उठाए गए हैं. चीन की इस मंशा को अमेरिका के लिए खतरा बताया गया है. एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने चीनी सेना पर जारी पेंटागन की इस वार्षिक रिपोर्ट का ब्योरा देते हुए कहा कि चीन के पास एक तेज बिल्डअप है, जो बहुत ज्यादा है.
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भारत के लिए भी चिंता हैं चीन के परमाणु हथियार
चीन के परमाणु हथियार बढ़ाने का खुलासा अमेरिका से भी ज्यादा भारत के लिए चिंताजनक है, जिसका चीन के साथ सीमा पर कई जगह विवाद चल रहा है. साल 2020 में चीन के पूर्वी लद्दाख में कब्जा जमाने के बाद उसकी भारतीय जवानों के साथ गलवान घाटी में झड़प (Galwan Valley Clash) ने इस विवाद को और ज्यादा बढ़ाया है. हालांकि कुछ मोर्चों पर आपसी सहमति से दोनों सेनाएं पीछे हटी हैं, लेकिन वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) के बेहद करीब चीन ने तेजी से परमानेंट आर्मी बेस तैयार किए हैं. इससे चीन की मंशा संदेह के दायरे में है.
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दुनिया में 9 देशों के पास हैं परमाणु हथियार
SIPRI की साल 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय दुनिया में 9 देशों के पास ही परमाणु हथियार क्षमता है. इन देशों में रूस, अमेरिका, चीन, भारत, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, फ्रांस, ब्रिटेन और इजरायल शामिल हैं. इन सभी देशों के पास करीब 13,080 परमाणु हथियार हैं. हालांकि यह आंकड़ा पूरी तरह पुष्ट नहीं है, क्योंकि कोई भी देश अपने पास मौजूद परमाणु हथियारों की अधिकृत संख्या घोषित नहीं करता है. दुनिया के 90% परमाणु हथियार केवल रूस और अमेरिका के पास मौजूद हैं. आंकड़ों के हिसाब से इन 9 देशों की परमाणु क्षमता निम्न है-
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क्यों खतरनाक है परमाणु हथियार दुनिया के लिए
दूसरे विश्व युद्ध में हिरोशिमा और नागासाकी के ऊपर छोड़े गए परमाणु बम बेहद छोटे थे, इसके बावजूद इनसे हजारों लोगों की मौत हो गई. विशेषज्ञों का अनुमान है कि फिलहाल मौजूद परमाणु हथियार इनसे कई गुना बड़े हैं, जो पूरी दुनिया को खत्म कर सकते हैं. NUKEMAP के प्रोजेक्शन के हिसाब से अकेले न्यूयॉर्क शहर के ऊपर छोड़े गए छोटे से परमाणु बम से 5,83,160 लोगों की मौत हो जाएगी.
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परमाणु युद्ध ना हो, इसके लिए उठाए कदम
संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने परमाणु युद्ध की संभावना टालने के लिए कोशिश की है. इसके लिए परमाणु हथियार अप्रसार संधि (Non-Proliferation of Nuclear Weapons treaty) की नींव रखी गई. इस संधि पर अब तक दुनिया के 191 देश हस्ताक्षर कर चुके हैं. इस संधि का मकसद परमाणु हथियार संपन्न देशों को अपनी तकनीक दूसरे देशों को देने पर रोक लगाना है. हालांकि इसके बावजूद परमाणु तकनीक को चोरी-छिपे दूसरे देशों को उपलब्ध कराने के मामले सामने आए हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण पाकिस्तान है. पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक वैज्ञानिक अब्दुल कादिर ने ब्रिटिश, डच और जर्मनी की परमाणु एनर्जी कंपनियों में काम करने के दौरान उनके डिजाइन चुराकर अपने देश के लिए परमाणु परीक्षण किया था.
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