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दुनिया का इकलौता शख्स जो किसी भी देश में बगैर वीजा कर सकता है ट्रैवल, नहीं है कोई रोकने टोकने वाला

Viral News: बगैर वीजा या पासपोर्ट के एक देश से दूसरे देश में जाने पर पाबंदी होती है. इन कागजी कार्रवाई के बाद ही कोई दूसरे देश में जा सकता है. लेकिन एक ऐसा भी शख्स है जो बिना वीजा दुनिया में कहीं भी आ जा सकता है.

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दुनिया का इकलौता शख्स जो किसी भी देश में बगैर वीजा कर सकता है ट्रैवल, नहीं है कोई रोकने टोकने वाला

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Trending News: दुनिया में कहीं भी जाना हो तो सबसे पहले वीजा और पासपोर्ट की जरूरत पड़ती है. इसके बाद ही कोई भी शख्स देश-विदेश जा सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि, दुनिया में एक ऐसा भी शख्स है जिसे दुनिया में कहीं भी जाने के लिए वीजा और पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती है. ब्रिटेन के राजा और जापान के राजा-रानी को कहीं जाने पर पासपोर्ट नहीं चाहिए होता है, ऐसे ही पोप अपने विशेष दर्जे के कारण कहीं भी जा सकते हैं.

पोप कर सकते हैं बगैर वीजा के यात्रा

ईसाई धर्म का प्रमुख कैथोलिक चर्च के प्रमुख को माना जाता है. उन्हें पोप कहते हैं इनका दर्जा अनोखा और विशिष्ट होता है. पोप का अर्थ है "रोमन कैथोलिक चर्च का सर्वोच्च धर्मगुरु". पोप को अपने इस विशेष अधिकार के कारण ही बिना वीजा के किसी भी देश में यात्रा करने की अनुमति है. पोप फ्रांसिस ने भी 50 से ज्यादा देशों की यात्रा की थी उन्हें कभी भी वीजा की जरूरत नहीं पड़ी थी.


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पोप को मिला है विशेष दर्जा

वेटिकन सिटी का प्रमुख चर्च कैथोलिक चर्च है. यह ईसाई धर्म का सबसे बड़ा चर्च है. इसी कैथोलिक चर्च के नेता पोप होते हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है. वह राजनयिक व्यक्ति है. पोप को वेटिकन का राजनयिक पासपोर्ट होता है. जिससे अधिकांश देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की अनुमति होती है. कई देशों में सुरक्षा कारणों से कुछ औपचारिकताएं हो सकती हैं वरना उन्हें यात्रा के लिए वीजा अनिवार्य नहीं होता है.

पोप ईसाई धर्म के आध्यात्मिक नेता हैं. पोप की किसी अन्य राजा या राजनयिक से अलग स्थिति है. वह कहीं भी यात्रा करते हैं तो उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा मिलता है. साल 1929 में इटली और वेटिकन के बीच हुई लैटरन संधि के बाद वेटिकन को स्वतंत्र राज्य का दर्जा दिया गया. वियना कन्वेंशन (1961) के घोषणा पत्र में अंतरराष्ट्रीय संधि में पोप को विशेष दर्जा दिया गया था. इसी कानूनी आधार पर पोप के लिए वीजा अनिवार्य नहीं है. लेकिन चीन और रूस जैसे देशों में कभी-कभी पोप की  यात्रा पर राजनीतिक शर्तें हैं.

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