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Trending News: यहां यूपी पुलिस की मेहमान है मुर्गा-मुर्गी की जोड़ी, रात-दिन होती है आवभगत

Uttar Pradesh Viral News: प्रतापगढ़ के बाघराय थाने में मुर्गा-मुर्गी की एक जोड़ी कई साल से रह रही है. इनके दाना-पानी का इंतजाम थानेदार की चाय से भी पहले होता है.

Trending News: यहां यूपी पुलिस की मेहमान है मुर्गा-मुर्गी की जोड़ी, रात-दिन होती है आवभगत

Uttar Pradesh Viral News: प्रतापगढ़ के बाघराय थाने में इस मुर्गा-मुर्गी की ही बादशाहत है.

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डीएनए हिंदी: UP News- उत्तर प्रदेश पुलिस का एक थाना ऐसा है, जहां किसी थानेदार का नहीं बल्कि मुर्गा-मुर्गी की एक जोड़ी का रुतबा सबसे ऊंचा है. थानेदार को चाय भले ही समय पर ना मिले, लेकिन मुर्गा-मुर्गी के दाना-पानी का वक्त शायद ही कोई पुलिसकर्मी भूलता होगा. यह अनूठा पुलिस थाना है उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बाघराय में, जिसमें यह मुर्गा-मुर्गी शाही अंदाज में कई साल से रह रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस थाने में आने वाले हर थानेदार को मुर्गा-मुर्गी के रुतबे की जानकारी सबसे पहले दी जाती है और वे भी हंसी-खुशी इस जोड़ी का ख्याल रखने की परंपरा को निभाते हैं. 

थाने की जमीन के पुराने मालिकों से जुड़ा है मामला

दरअसल बाघराय पुलिस थाना एक काजी की जमीन पर बना हुआ है. पुलिसकर्मियों में मान्यता है कि काजी और उसकी पत्नी का जुड़ाव अब भी इस जमीन से है. उन दोनों के प्रतीक के तौर पर ही मुर्गा-मुर्गी को थाने की शुरुआत के समय से ही पाला गया है और उन्हें काजी और उसकी पत्नी जैसा ही सम्मान दिया जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिसकर्मी ये मानते हैं कि यदि मुर्गा या मुर्गी को कुछ हो गया तो क्षेत्र में अपराध का कहर टूट पड़ेगा. पुलिसकर्मियों में यह अंधविश्वास इसलिए पक्का हो चुका है, क्योंकि मुर्गा-मुर्गी के बीमार पड़ने पर कई बार क्षेत्र में क्राइम का जोर बढ़ चुका है. इसलिए वे उनकी आवभगत में लगे रहते हैं. मुर्गा-मुर्गी भी थाना परिसर में शान से टहलते हैं. परिसर में उनके टहलने के दौरान कहीं कुछ हो ना जाए, इसलिए कोई न कोई पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया जाता है.

मुर्गा-मुर्गी में से कोई भी मरता है तो तत्काल आता है नया

मुर्गा-मुर्गी में से यदि कोई भी मर जाता है तो तत्काल थाने में उसकी जगह दूसरा मुर्गा-मुर्गी लाया जाता है. पुलिसकर्मियों का विश्वास है कि यदि दोनों में से किसी के भी मरने पर 24 घंटे के अंदर उसकी जगह नहीं भरी गई और मुर्गे की बांग थाने में नहीं गूंजी तो अपराध बढ़ जाएंगे. इलाके में इतने अपराध होंगे कि सभी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो जाएगी. प्रतापगढ़ के एसपी सतपाल अंतिल भी इस परंपरा को गलत नहीं मानते हैं. उनका कहना है कि बाघराय थाने में मुर्गा-मुर्गी कई सालों से पाले जा रहे हैं. पुलिसकर्मी इस परंपरा का ख्याल रखते हैं. 

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