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r/personalfinanceindia पर Reddit पोस्ट में व्यक्ति ने अपने साझा खर्चों का ब्यौरा दिया और तर्क दिया कि दिल्ली में 'सांस लेने' के लिए किसी को 7 लाख रुपये के वेतन की आवश्यकता नहीं है, जो कि आम धारणा के विपरीत है.
दिल्ली के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर हैरान करने वाला दावा किया है. व्यक्ति का कहना है कि वह और उसकी पार्टनर राजधानी में आराम से रहते हैं और उनकी संयुक्त मासिक आय 70,000 रुपये है. R/personalfinanceindia पर एक Reddit पोस्ट में, व्यक्ति ने किराए और किराने के सामान से लेकर पालतू जानवरों की देखभाल तक अपने साझा खर्चों को यह तर्क देते हुए विभाजित किया कि दिल्ली में 'सांस लेने' के लिए किसी को 7 लाख रुपये के वेतन की आवश्यकता नहीं है, जो कि आम धारणा के विपरीत है.
Reddit पोस्ट में व्यक्ति ने कहा कि, मैं एक फ्रीलांस कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में काम करता हूं और मैं महीने में 50 हजार से कम कमाता हूं और दिल्ली में ठीक से सांस लेता हूं. व्यक्ति के अनुसार वो फ्रीलांस करता है इसलिए कभी कभी उसके पास इससे भी कम पैसे होते हैं. व्यक्ति के अनुसार मेरे पार्टनर की नियमित फुल टाइम नौकरी है. वह और मैं बिना किसी कठिनाई के अपनी घरेलू ज़रूरतों का ख्याल रखते हैं.'
यह कपल साउथ दिल्ली में 2BHK DDA फ्लैट में रहता है, जिसका किराया 24,000 रुपये है. किराए के फर्नीचर पर उन्हें हर महीने 5,000 रुपये और हाउसकीपिंग, कुक और किराने के सामान पर 20,000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं. 5,000 रुपये उपयोगिताओं और सदस्यता के लिए अलग रखे जाते हैं, और 10,000 रुपये बाहर खाने, खरीदारी और अन्य विवेकाधीन खर्चों पर खर्च किए जाते हैं.
उस व्यक्ति ने कहा, 'हमारे पास छुट्टियों के लिए कोई बजट नहीं है, लेकिन हम एक बजट बनाने और भारत और आस-पास के कुछ एशियाई देशों की यात्रा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'
तीन पालतू जानवर होने के बावजूद, जिनमें से केवल एक ही वर्तमान में उनके साथ रहता है, यह कपल ज़रूरत पड़ने पर कभी-कभार चिकित्सा खर्च का प्रबंध करता है। उनके पास कार या लग्जरी गैजेट नहीं हैं, उनके पास कोई क्रेडिट कार्ड नहीं है और वे बिना EMI या लोन के रहते हैं.
व्यक्ति ने कहा कि, तो नहीं, हमें सांस लेने के लिए 7 लाख रुपये महीने की जरूरत नहीं है. हम इसके बदले 70,000 रुपये कमाते हैं. और मैं फिर से दोहराता हूं. हम मध्यम वर्ग के विशेषाधिकार प्राप्त भारतीय हैं जो इतना भी कर सकते हैं. मुझे उम्मीद है कि गुड़गांव में रहने वाले 7 लाख रुपये महीने कमाने वाले लोग भी इस बात को समझेंगे. '
I earn less than 50k a month and breathe just fine in Delhi!
byu/Paul_Semicolon1 inpersonalfinanceindia
Reddit पर तहलका मचा रही इस पोस्ट में रिएक्शंस की झड़ी लग गई है. तमाम यूजर्स ने कपल की ज़मीनी जीवनशैली और वित्तीय विकल्पों की सराहना की. एक यूजर ने कहा कि, आप एक प्रेरणा हैं. ऐसे देश में जहां औसत आय लगभग 30,000 रुपये है, मैं हमेशा क्रोधित होता हूं जब 30 लाख रुपये प्रति वर्ष की आय वाले लोग गरीब होने की शिकायत करते हैं.
कुछ यूजर्स ने वित्तीय नियोजन, विरासत और धन के भ्रम पर अपने स्वयं के दृष्टिकोण प्रस्तुत किए. एक यूजर ने कहा, 'हर कोई धन अर्जित नहीं करना चाहता,यहां तक कि विशेषाधिकार प्राप्त लोग भी नहीं.' एक अन्य ने लिखा,'26 लाख रुपये प्रति वर्ष वाले लोग ऐसे खर्च करते हैं जैसे वे तनख्वाह से तनख्वाह तक जी रहे हों.'
कई यूजर्स इस बात से सहमत थे कि पोस्ट में यह दर्शाया गया है कि भारत में एक सामान्य मध्यम वर्ग का जीवन कैसा दिखता है - अच्छी आय, प्रबंधनीय खर्च, परिवार का समर्थन और ऋण-मुक्त मानसिकता. एक यूजर ने कहा, 'आपात स्थिति के लिए बचत, हां. लेकिन 1-1.5 लाख रुपये प्रति माह बचाने की कोशिश करना और उसे मध्यम वर्ग कहना भ्रम है.'