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Viral: 'स्कूल जाने से समय बर्बाद होता है..', कोलकाता के इस कपल ने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए निकाला गजब का तरीका, देखें Video

कोलकाता के एक कपल ने शिक्षा के नए मायने गढ़ते हुए परंपरागत स्कूलिंग को चुनौती दी है. उनकी अनूठी सोच ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है – ये पहल सपनों की नई उड़ान है या हकीकत से परे एक कल्पना?

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Viral: 'स्कूल जाने से समय बर्बाद होता है..', कोलकाता के इस कपल ने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए निकाला गजब का तरीका, देखें Video
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आज के समय में जहां हर माता-पिता अपने बच्चों को पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था के तहत स्कूल भेजकर डॉक्टर, इंजीनियर या अफसर बनाने का सपना देखते हैं, वहीं कोलकाता के एक कपल ने शिक्षा के प्रति एक अलग सोच को अपनाया है. उनकी यह अनोखी पहल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि यह तरीका सभी के लिए संभव नहीं है, लेकिन यह बच्चों को एक अलग दृष्टिकोण देने का नया प्रयास जरूर है.

क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के इस दंपत्ति ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय खुद ही उन्हें जिंदगी के अनुभवों से सिखाने का रास्ता चुना है. वायरल वीडियो में कपल ने बताया कि वे पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को समय की बर्बादी मानते हैं. उनका मानना है कि स्कूलों में बच्चों का ज्यादातर समय सिर्फ किताबी ज्ञान में ही निकल जाता है, जो उन्हें जिंदगी के असली सबक सिखाने में असमर्थ रहता है.

अनस्कूलिंग का कॉन्सेप्ट क्या है?
इस परिवार ने 'अनस्कूलिंग' नाम के शिक्षा प्रणाली को अपनाया है, जहां बच्चों को किताबों से ज्यादा अनुभवों के जरिए सिखाया जाता है. उनका बेटा क्रिकेट खेलते-खेलते गणित के फॉर्मूले सीख रहा है, जबकि सफर के दौरान अलग-अलग शहरों और जगहों के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहा है. माता-पिता का मानना है कि अनुभव आधारित शिक्षा बच्चों को रचनात्मक और आत्मनिर्भर बनाती है.


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क्या कह रहे हैं लोग?

सोशल मीडिया पर इस पहल को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोगों ने इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि यह बच्चों को असली जिंदगी के सबक सिखाने का सबसे अच्छा तरीका है. एक यूजर ने लिखा, 'काश हर बच्चे को ऐसी शिक्षा मिल सके.' वहीं, कुछ लोगों ने इस सिस्टम को केवल अमीरों के लिए संभव बताया. एक यूजर ने लिखा, 'यह तरीका हर किसी के लिए नहीं है, क्योंकि इसमें समय और पैसा दोनों ज्यादा लगता है.'

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