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पुणे का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पेड़ से निकलने वाले जल को लोग पवित्र मानकर उसकी पूजा कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि आखिर इस वीडियो के पीछे की सच्चाई क्या है और क्यों लोग इस जल को माथे से लगा रहे हैं और पी रहे हैं.
पुणे के पिंपरी इलाके में स्थित प्रेमलोक पार्क में एक गुलमोहर का पेड़ लोगों का ध्यान खींच रहा है, वजह है इस पेड़ के तने से बहता पानी. स्थानीय लोग इसे कोई साधारण बात नहीं मान रहें, और देखते ही देखते वहां फूल, हल्दी, सिंदूर और नारियल चढ़ाने लगे. धीरे-धीरे वहां भीड़ जुटने लगी और पेड़ की पूजा शुरू हो गई.
भक्ति या अंधविश्वास?
इस वीडियो को देखकर ऐसा लग रहा है मानो कोई चमत्कार हो. कई लोगों ने इस पेड़ की वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए है, जिनमें पेड़ से लोगों को "पवित्र जल" को इकट्ठा करते देखा जा सकता है. कई लोगों का मानना है कि ये कोई दैवीय संकेत है, कुछ ने तो इसे "गंगा जल" जैसा पवित्र बताना भी शुरू कर दिया.
जब आई सच्चाई की बारी...
जब यह मामला वायरल हुआ, तो पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम (PCMC) के अधिकारी मौके पर पहुंचे. डिप्टी इंजीनियर प्रवीण धूमल ने जांच के बाद बताया कि यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि एक पुरानी भूमिगत पानी की पाइपलाइन का रिसाव है. पानी पेड़ के खोखले तने से होकर बह रहा था, जिससे ऐसा लग रहा था कि पेड़ से जल निकल रहा है.
लीकेज बंद, आस्था की लहर भी थमी
नगर निगम ने तत्काल उस क्षेत्र की पानी की सप्लाई बंद कर दी और बिना पेड़ को नुकसान पहुंचाए पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कर दी. इस खुलासे के बाद वहां जुटी भीड़ धीरे-धीरे छंट गई. लोगों को एहसास हुआ कि वे किसी चमत्कार के नहीं, बल्कि एक तकनीकी खराबी के साक्षी बन रहे थे.
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आस्था हो, पर सवाल भी ज़रूरी
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आंखों देखा हर दृश्य सत्य नहीं होता. भक्ति अच्छी बात है, लेकिन अंधविश्वास के जाल में फंसना समाज को गलत दिशा में ले जाता है. हर "चमत्कार" को जांचना और समझना ज़रूरी है, ताकि हम विज्ञान और विवेक का साथ न छोड़ें.
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