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पीएम मोदी ने युवाओं और बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि इमरजेंसी के दौरान आपके माता-पिता का जीने का अधिकार भी छीन लिया गया था.
डीएनए हिंदी: पीएम मोदी ने 'मन की बात' में देशवासियों को संबोधित करते हुए इमरजेंसी के दिनों को याद किया. उन्होंने कहा साल 1975 में जून के महीने में इमरजेंसी लग गई थी. देश के नागरिकों से सारे अधिकार छीन लिए गए थे. देश की अदालतों, संवैधानिक संस्थाओं, मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. मुझे याद है कि उस वक्त मशहूर गायक किशोर कुमार ने सरकार की वाहवाही करने से इंकार किया तो उन पर भी बैन लगा दिया गया था.
पीएम ने कहा, किशोर कुमार को रेडियो पर बैन कर दिया था. उनकी रेडियो पर एंट्री रोक दी गई थी. बहुत कोशिशों के बाद भी हजारों-लाखों पर अत्याचार के बाद भी लोगों का लोकतंत्र पर से विश्वास हटा नहीं. लोगों में लोकतांत्रिक भावना है. उनकी रगों में बसी इस भावना की जीत हुई. भारत के लोगों ने लोकतांत्रिक तरह से वापस इसकी स्थापना की. तानाशाही को लोकतांत्रिक तरीके से हटाने का ऐसा उदाहरण नहीं मिलता.
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पीएम मोदी ने युवाओं और बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि इमरजेंसी के दौरान आपके माता-पिता का जीने का अधिकार भी छीन लिया गया था. उस समय भारत के लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश हुई. बिना इजाजत अखबार में कुछ भी छापने पर मनाही थी. आज जब देश आजादी का 75वां वर्ष मना रहा है तो हमें ऐसे समय को नहीं भूलना चाहिए.
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