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OMG: हौद में खीर-सब्जी, सीमेंट-कंक्रीट मिक्सर में बना मालपुआ, लाखों लोगों ने जमकर छका भोज

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में देवनारायण मंदिर पर विशाल भंडारा हुआ है. ऐसा भोज आपने कभी देखा नहीं होगा.

OMG: हौद में खीर-सब्जी, सीमेंट-कंक्रीट मिक्सर में बना मालपुआ, लाखों लोगों ने जमकर छका भोज

ग्वालियर के इस भंडारे की चर्चा देशभर में हो रही है.

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डीएनए हिंदी: भारत एक उत्सवधर्मी देश है. यहां के धार्मिक आयोजनों को भंडारा कहा जाता है. भंडारे में हजारों लोग खाते हैं और जश्न मनाते हैं. भंडारे के अन्न को प्रसाद कहा जाता है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के एक गांव में ऐसा भंडारा हुआ है, जिसकी चर्चा अब पूरे देशभर में हो रही है. सिरसा गांव में शनिवार को आगरा-मुंबई हाईवे के पास गुर्जर समाज के आराध्य भगवान देवनारायण के 1111वें अवतरण महोत्सव पर जो भंडारा हुआ, वैसा भंडारा किसी ने आजतक नहीं देखा था.

इस उत्सव में श्रद्धालुओं के जमावड़े का आलम यह था कि भंडारे में बर्तनों की जगह सीमेंट-कांक्रीट मिक्सर से प्रसाद तैयार किया गया था. ट्रैक्टर की ट्रॉलियों में भरकर श्रद्धालुओं को परोसा गया. लाखों लोगों ने भंडारे का महाप्रसाद चखा. इस भंडारे में जो भी आया, देखता ही रह गया.

सिरसा गांव के भगवान देवनारायण मंदिर में बीते सात दिनों से भागवत कथा हो रही थी. जब कथा समाप्त हुई तो ऐसा आयोजन हुआ, जैसा किसी ने देखा तक नहीं था. कथा समापन के बाद एक ऐसा भंडारा हुआ, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है.

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ऐसा मालपुआ किसी ने खाया नहीं होगा

यह भंडारा बेहद खास था. सिरसा, महारामपुरा, घेंघोली और रेंहट समेत कई पड़ोसी गांव इस भंडारे की कमान संभाल रहे थे. श्ररद्धालुओं का ऐसा तांता लगा था जिसे देखकर लोग हैरान रह जाएं. श्रद्धालुओं को मालपुए, खीर और आलू की सब्जी परोसी गई. भंडारे के लिए हर दिन 30 क्विंटल शक्कर, 60 क्विंटल आलू, 20 क्विंटल चावल और 35 क्विंटल गेहूं और कई क्विंटलभर घी लगती थी. खीर भी इस भंडारे में जमकर बनी. भंडारे के आखिरी दिन 100 क्विंटल से ज्यादा शक्कर, आलू 100 क्विंटल, 60 क्विंटल चावल और 500 क्विंटल आटे की खपत हो गई.

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कंक्रीट मिक्सर और ट्रॉली और बड़े-बड़े ड्रम, भंडारा था या कंस्ट्रक्शन साइट

भंडारे में मालपुआ बनाने के लिए सीमेंट-कंक्रीट मिक्सर इस्तेमाल करना पड़ा. सब्जी और खीर को कड़ाहों से निकालकर बर्तनों की जगह ईंट-सीमेंट की बनीं हौद में रखा गया. मालपुए के भी ढेर को बांटने के लिए ड्रम लगाने पड़ गए. बाल्टियों में लोगों ने भरकर प्रसाद परोसा. है न हैरान कर देने वाला ये भंडारा. इस भंडारे में 100 से ज्यादा हलवाई लगे थे. परोसने वालों की संख्या हजारों में थी.

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