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13 महीने के बच्चे को फुट पंप से ऑक्सीजन देती है मां, इलाज के लिए घर बेच सड़क पर रहने को मजबूर परिवार

बच्चे को ऑक्सीजन देने के लिए मां फुट पंप का इस्तेमाल करती है ताकि बच्चे को जिंदा रखा जा सके. रायपुर एम्स के बाहर लगाया है बिस्तर.

13 महीने के बच्चे को फुट पंप से ऑक्सीजन देती है मां, इलाज के लिए घर बेच सड़क पर रहने को मजबूर परिवार
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डीएनए हिंदी: छत्तीसगढ़ के रायपुर में एम्स के बाहर एक परिवार के हालात जानकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी. अपने बच्चे की बीमारी ने इन्हें इतना मजबूर कर दिया है कि ये सबकुछ बेचकर अब फुटपाथ पर आ गए हैं. 13 महीने के हर्ष को लेकर आखिर जाएं तो जाएं कहां...इलाज चाहिए और इलाज के लिए पैसा चाहिए और इसी जरूरत को पूरा करने के लिए उन्होंने अपना घर बेच दिया. उनके जिगर के टुकड़े को कैंसर और ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी है. वह बस दवाईयों पर टिका है और सांस लेने में भी तकलीफ झेल रहा है. उसकी सांस नॉर्मल चलाने के लिए मां फुट पंप की मदद से उसको ऑक्सीजन दे रही है.

हर्ष के पिता बालक दास ने बताया कि वह कवर्धा जिले के ठकुराइन टोला गांव के रहने वाले हैं. पहले उन्होंने बच्चे का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में करावाया लेकिन वहां के मोटे बिल की वजह से उन्हें अपना घर और खेत भी बेचना पड़ा. अब उनके पास कुछ भी नहीं बचा और वह रिश्तेदारों और पड़ोसियों के कर्जदार भी हो चुके हैं. हर्ष के माता-पिता अब इसका इलाज रायपुर एम्स में फ्री करवा रहे हैं लेकिन यहां पर इनका रहना और खाना मुश्किल हो गया है. 

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बालक दास की मदद के लिए एक महिला आगे आई और इन्होंने बालक दास को एक किराए का ठेला दिलाया. अब बालक दास चाय बेचकर दिन में 100-200 रुपए की कमाई कर लेते हैं. हालांकि ये पैसे भी हर्ष की दवाईयों में खर्च हो जाते हैं और बालक दास का परिवार पास के गुरुद्वारे में जाकर अपना पेट भरता है. कई बार इन्हें भूखा भी सोना पड़ जाता है. हालातों से तंग आ चुके बालक दास मदद के लिए सरकार और समाज से आस लगाए बैठे हैं. सोशल मीडिया पर हर्ष के इलाज के लिए कैंपेंन भी चलाया जा रहा है. 

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