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रेलवे ने तो यह सुविधा इसलिए दी थी ताकि लोग स्टेशन पर पहुंचकर भी आसानी से अपनी ट्रेन को ट्रैक कर सकें लेकिन हो कुछ और ही रहा है.
डीएनए हिंदी: भारतीय रेल ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए यात्रियों को फ्री वाईफाई की सुविधा दी थी लेकिन यही सुविधा अब उनकी नाक में दम कर रही है. दरअस स्टेशन का नाम गलत वजहों से लाइमलाइट में आ रहा है. अब जो खबर आई है उसे सुनकर कौनसा रेलकर्मी अपने कॉलर खड़े करेगा ?
रेलवे ने तो यह सुविधा इसलिए दी थी ताकि लोग स्टेशन पर पहुंचकर भी आसानी से अपनी ट्रेन को ट्रैक कर सकें. प्लैटफॉर्म, सीट कन्फर्मेशन जैसी दूसरी डिटेल पा सकें लेकिन हो कुछ और ही रहा है. रेलटेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रेलवे के वाईफाई से डाउनलोड होने वाले कुल कटेंट में से 35 पर्सेंट अडल्ट टाइप का है.
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इस लिस्ट में तेलंगाना का सिकंदराबाद टॉप पर है. साउथ सेंट्रल रेलवे के तहत आने वाले इस स्टेशन पर सबसे ज्यादा डेटा इस्तेमाल किया जा रहा है. 1600 से ज्यादा स्टेशन को मिलाकर देखें तो डेटा इस्तेमाल करने के मामले में यह चौथे नंबर पर है. तेलंगाना के नामपल्ली रेलवे स्टेशन और आंध्र प्रदेश के तिरुपति रेलवे स्टेशन पर भी रेल वाईफाई का गलत इस्तेमाल हो रहा है.
अब यह साफ नहीं है कि यह सारा किया धरा रेल यात्रियों का है यहां ड्यूटी कर रहे कर्मियों का भी इसमें योगदान है. हालांकि जो भी हालात काफी चिंताजनक हैं.
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