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मिस्टेक पर मिस्टेक... जिस गलती के लिए सस्पेंड हुए Thousand को Thursday लिखने वाले मास्टर साब, उसी से भरा मिला उनका सस्पेंशन ऑर्डर

Viral News: रोनहाट स्कूल में स्पेलिंग मिस्टेक वाला चेक वायरल होने के बाद टीचर को सस्पेंड किया गया. मगर उनके सस्पेंशन ऑर्डर में भी कई गलतियां निकल आईं, जिससे शिक्षा विभाग फिर ट्रोल होने लगा.

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मिस्टेक पर मिस्टेक... जिस गलती के लिए सस्पेंड हुए Thousand को Thursday लिखने वाले मास्टर साब, उसी से भरा मिला उनका सस्पेंशन ऑर्डर
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Viral News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के रोनहाट स्कूल से निकली एक छोटी-सी गलती अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुकी है. पहले तो स्कूल से जारी एक स्पेलिंग मिस्टेक वाला चेक सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, और फिर उसी गलती का खामियाजा भुगतने वाले ड्राइंग मास्टर को जो सस्पेंशन ऑर्डर मिला, उसमें भी गलतियों की भरमार थी. अब सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे “मिस्टेक पर मिस्टेक” वाला मामला बता रहे हैं और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं. 

दरअसल, 25 सितंबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोनहाट की ओर से एक चेक जारी किया गया था. चेक पर “Thousand”, “Hundred” और “Seven” जैसे शब्दों की स्पेलिंग गलत लिखी गई थी. बस क्या था, यह चेक देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. शिक्षा विभाग की फजीहत होने लगी तो विभाग ने मिड-डे मील इंचार्ज एवं ड्राइंग मास्टर जी को निलंबित कर दिया. 

सोशल मीडिया पर वायरल

लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. अब डीएम का सस्पेंशन ऑर्डर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, क्योंकि उसमें भी कई टाइपिंग मिस्टेक सामने आई हैं. जहां “Headquarter” लिखा जाना था, वहां “Headquarters” टाइप किया गया. “Senior Secondary School” की जगह “Government Secondary School” लिख दिया गया और “Education” शब्द में एक अतिरिक्त “I” जोड़ दी गई. 

गलती करने की परंपरा

लिहाजा, जिस मास्टर साब को गलतियों के लिए सस्पेंड किया गया, उन्हीं के निलंबन आदेश में भी गलतियों का पुलिंदा मिल गया. यूजर्स अब मजाकिया अंदाज़ में कमेंट कर रहे हैं, “लगता है गलती करने की परंपरा विभाग ने ही शुरू की है. ”


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इसे क्लेरिकल मिस्टेक माना जाएगा

वहीं जिला के डिप्टी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन राजीव ठाकुर ने सफाई दी कि यह गलती की-बोर्ड की खराबी के कारण हुई है और इसे क्लेरिकल मिस्टेक माना जाएगा. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दस्तावेज जारी करने से पहले दोबारा जांच होनी चाहिए थी. फिलहाल विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है. 

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