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दिल्ली के डॉक्टरों ने निकाला 'नारियल के आकार का' ट्यूमर, घंटों तक लगी थी मेहनत

समस्या इस हद तक बढ़ गई कि किसान मरीज जीना मुहाल हो गया था. किसान को पिछले महीने दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ईएनटी विभाग में एडमिट कराया गया.

दिल्ली के डॉक्टरों ने निकाला 'नारियल के आकार का' ट्यूमर, घंटों तक लगी थी मेहनत

प्रतीकात्मक तस्वीर

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डीएनए हिंदी: बिहार के एक 72 साल किसान ने अपने थायरॉयड ग्रंथि से "नारियल के आकार"  का ट्यूमर निकाला गया. किसना ने इस ट्यूमर को हटाने के लिए यहां एक निजी अस्पताल में सर्जरी करवाई. डॉक्टरों ने कहा कि मरीज की आवाज को बचाने सहित कई चुनौतियां थीं. अस्पताल ने एक बयान में कहा कि बेगूसराय जिले के रहने वाले मरीज को पिछले छह महीने से सांस लेने और खाना निगलने में दिक्कत हो रही थी. समस्या इस हद तक बढ़ गई कि किसान मरीज जीना मुहाल हो गया था. किसान ने पिछले महीने दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ईएनटी विभाग और हेड, नेक ओंको सर्जरी में लाया गया था. 

अस्पताल में हेड एंड नेक ओन्को सर्जरी के सलाहकार डॉ संगीत अग्रवाल के मुताबिक, "पिछले इतने सालों के अभ्यास के दौरान, मैंने 250 से अधिक ऐसे बड़े थायराइड ट्यूमर के मामलों का ऑपरेशन किया है लेकिन वजन और आकार के मामले में यह एक अनूठा मामला था. जिसमें सामान्य तितली के आकार की थायरॉयड ग्रंथि, जिसका वजन आमतौर पर 10-15 ग्राम होता है और 3-4 सेमी आकार का होता है, ये 18-20 सेमी के आकार वाले नारियल से बड़ा हो जाता है. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती ट्यूमर को हटाते समय मरीज की आवाज को बचाना था. उन्होंने कहा कि दो तरह की वोकल कॉर्ड नसों को सफलतापूर्वक बचाया गया.

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डॉक्टर ने कहा कि श्वासनली (विंड पाइप) संकुचित हो गई थी, जिसके कारण एनेस्थीसिया के लिए एक विशेष तकनीक लागू करनी पड़ी.

उन्होंने कहा, "इस तरह के विशाल ट्यूमर में कैल्शियम का संरक्षण और पैराथायरायड ग्रंथियों को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है. हम सभी चार पैराथायरायड ग्रंथियों को सफलतापूर्वक संरक्षित करने में सक्षम थे.”

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थायरॉयड ग्रंथि एक तितली के आकार का अंग है जो गर्दन के आधार पर स्थित होता है. यह हार्मोन जारी करता है जो चयापचय (मेटाबोलिज्म) को नियंत्रित करता है. थायरॉइड ग्रंथि गले के सामने होती है, जिसे आदम का सेब भी कहा जाता है. सर्जरी में करीब तीन घंटे का समय लगा.

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