ट्रेंडिंग
अभिजीत बताते हैं कि वह पढ़ लिखकर आईएएस बनना चाहते हैं. आर्थिक हालात कमजोर हैं लेकिन पढ़ाई-लिखाई को लेकर उनका जज्बा बहुत ही मजबूत है.
डीएनए हिंदी: झारखंड बोर्ड के दसवीं के नतीजों में एक रिजल्ट ऐसा आया है जिसने अपने परिवार के लिए नई उम्मीदों की राह खोल दी है. यहां टाटा नगर के बिष्टुपुर रामकृष्ण मिशन पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले अभिजीत शर्मा ने मैट्रिक में टॉप किया है. इस परीक्षा में 6 बच्चों ने पहली पोजीशन पाई है. इन्हीं में एक अभिजीत के इतने बढ़िया नंबर आने पर उनके ट्यूशन टीचर, पड़ोसी, रिश्तेदार सब बेहद खुश हैं.
अभिजीत बताते हैं कि वह पढ़ लिखकर आईएएस बनना चाहते हैं. आर्थिक हालात कमजोर हैं लेकिन पढ़ाई-लिखाई को लेकर उनका जज्बा बहुत ही मजबूत है. उनके पिता एक कारपेंटर हैं. गली-गली घूमकर मजदूरी करते हैं. इसी कमाई से घर चला रहे हैं और अभिजीत की पढ़ाई का खर्च भी उठा रहे हैं. बेटे के स्कूल की फीस, पढ़ाई का खर्च सब कुछ मिलाकर उनके सिर पर करीब 50 हजार रुपये का खर्च है.
Jharkhand | A son of a carpenter from Jamshedpur bags the position of state topper in Class 10 examinations
— ANI (@ANI) June 22, 2022
I am glad that I scored well in the exams. Now, I aim to become an IAS officer. My father is a carpenter and my mother is a housewife: Abhijit Sharma, State Topper pic.twitter.com/BZsFYPnXO3
यह भी पढ़ें: वाराणसी एयरपोर्ट पर हिंदी और इंग्लिश के अलावा इस भाषा में हुई अनाउंसमेंट, सुनकर लोग रह गए हैरान
अभिजीत पढ़ाई के साथ-साथ काम में अपने पिता का हाथ बंटाता है. आज अभिजीत की सफलता से सातवें आसमान पर पहुंचे पिता का कहना है कि वह अपने बेटे के लिए कड़ी मेहनत करेंगे.
यह भी पढ़ें: Kshama Bindu की तरह इस लड़की ने पहले खुद से की शादी फिर ले लिया तलाक, जानें क्यों
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों पर अलग नज़रिया, फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.