Advertisement

ज्ञानवापी केस: सुनवाई में पहुंचा बंदर, CJM कोर्ट में टेबल पर बैठा, वकील 1986 की राम मंदिर की घटना याद कर बोले, 'काशी में विजय'

वाराणसी की जिला अदालत में एक बंदर के घुसने से हड़कंप मच गया. बंदर के अदालत में घुसने के घटनाक्रम को हिंदू पक्ष के वकील आज से 39 साल पहले के राम मंदिर घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे हैं.

Latest News
ज्ञानवापी केस: सुनवाई में पहुंचा बंदर, CJM कोर्ट में टेबल पर बैठा, वकील 1986 की राम मंदिर की घटना याद कर बोले, 'काशी में विजय'
Add DNA as a Preferred Source

वाराणसी की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में शनिवार को ज्ञानवापी केस की सुनवाई के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिससे सभी हैरान रह गए. दरअसल, वाराणसी जिला अदालत के एक कोर्ट रूम में बंदर पहुंचने से अफरा तफरी मच गई. ये बंदर सुनवाई के दौरान सीजेएम कोर्ट में टेबल पर तो कभी जिला जज के कोर्ट परिसर में घूमता रहा. हैरानी की बात ये है कि यह बंदर सुनवाई पूरी होने के बाद अपने आप वहां से चला गया. साथ ही बंदर ने किसी को नुकसान भी नहीं पहुंचाया. बंदर का ये कारनामा देखकर सभी 39 साल पुराने राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रम को याद कर रहे हैं. 

क्या बोले वकील?
ज्ञानवापी केस की शनिवार को जिला जज की कोर्ट में सुनवाई के दौरान ये बंदर सीजेएम कोर्ट में पहुंचा था. बता दें, शैलेन्द्र पाठक और लक्ष्मी देवी के फास्ट ट्रैक कोर्ट से ट्रांसफर होकर यह मामला जिला जज की कोर्ट में पहुंचा है. इस मामले में हिन्दू पक्ष के वकील सुधीर त्रिपाठी ने जिला जज संजीव पाण्डेय की अदालत में लिखित प्रार्थनापत्र दिया. इन मामलों में अब अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी. वहीं, ज्ञानवापी केस की सुनवाई के दौरान जो घटना घटी उसे देखने के बाद हिंदू पक्ष के वकील जोश व उत्साह से भर गए. उन्होंने कहा कि अयोध्या की तरह अब काशी में भी विजय पताका फहराएगा. वकील मदन मोहन यादव के मुताबिक, ठीक ऐसी ही घटना अयोध्या में हुई थी तब राम मंदिर का रास्ता क्लियर हुआ था. हिंदू पक्ष के वकीलों ने बंदर के घुसने को राम मंदिर से जोड़कर देखा है. 

क्या है राम मंदिर कनेक्शन?
TV9 पर छपी खबर के मुताबिक, अयोध्या के तत्कालीन जिला जज केएम पांडेय ने साल 1991 में छपी अपनी आत्मकथा में उस घटना का जिक्र किया है, जब 1 फरवरी 1986 को अयोध्या में विवादित ढांचे के परिसर को जिला एवं सेशन जज के आदेश पर खोला गया था. उन्होंने लिखा है कि वह जब ताला खोलने का आदेश लिख रहे थे, तब उनकी अदालत की छत पर एक काला बंदर पूरे दिन फ्लैग पोस्ट पकड़कर बैठा रहा. फैसला सुनने आए लोग उस बंदर को फल और मूंगफली डालते रहे पर उसने कुछ नहीं खाया. हैरानी तब हुई जब फैसला सुनाने के बाद वह बंदर चला गया. इसके बाद डीएम और एसएसपी उन्हें छोड़ने के लिए घर तक आए. उस समय भी वह बंदर उनके घर के बरामदे में बैठा मिला. जज ने लिखा है कि उन्होंने इसे दैवीय ताकत समझकर प्रणाम किया.  

 


ह भी पढ़ें-  Gyanvapi Masjid को लेकर आया बड़ा फैसला, Varanasi Court ने हिंदू पक्ष को दे दिया ये बड़ा झटका

 

ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.


 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement