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हाथ में बिना किसी दूसरे ऑफर के ₹1 करोड़ की नौकरी छोड़ घर बैठ गया शख्स, 5 स्टेप्स में बताई आगे की पूरी योजना

बेंगलुरु स्थित एक कंपनी में काम करने वाले एक इंजीनियर ने एक आरामदायक, मोटी सैलरी वाली नौकरी को बिना कोई किसी दूसरे ऑफर के छोड़ने की अपनी यात्रा को साझा करके सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी है.

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हाथ में बिना किसी दूसरे ऑफर के ₹1 करोड़ की नौकरी छोड़ घर बैठ गया शख्स, 5 स्टेप्स में बताई आगे की पूरी योजना
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Trending News of Jobs: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक इंजीनियर ने करोड़ों की नौकरी छोड़कर तहलका मचा दिया है.  बेंगलुरु स्थित एक कंपनी में काम करने वाले एक इंजीनियर ने एक आरामदायक, मोटी सैलरी वाली नौकरी को बिना कोई किसी दूसरे ऑफर के छोड़ने की अपनी यात्रा को साझा करके सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी है.   

कौन है वह शख्स
इंटरनेट पर वरुण हसीजा इन दिनों चर्चा में हैं. वरुण के पास एक दशक का कार्य अनुभव है. वरुण ने अपनी प्रोडक्ट मैनेजमेंट की नौकरी छोड़ दी है जिसमें उन्हें सालाना ₹1 करोड़ से ज़्यादा की कमाई होती थी. अक्टूबर में कंपनी में अपने आखिरी काम के दिन पर, 30 साल के इस युवा को मोटी सैलरी वाली कोई दूसरी नौकरी का प्रस्ताव नहीं मिला.

सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
मुंबई में रहने वाले हसीजा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर वायरल थ्रेड में कहा, 'कुछ महीने पहले, मैंने अपने जीवन का सबसे कठिन निर्णय लिया: मैंने अपनी आरामदायक, हाई पेईंग वाली (₹1 करोड़+) नौकरी बिना किसी दूसरे ऑफर के छोड़ दी.' ' अभी आगे की कोई योजना नहीं है, कोई बैकअप नहीं. यह फैसला बस ये सोचकर ले लिया कि दशक भर के करियर में पहली बार एक रियल ब्रेक की जरूरत थी.' तकनीकी विशेषज्ञ ने कहा कि यह कदम बिना सोचे समझे नहीं लिया गया था, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत लिया गया.  

कैसे लिया करोड़ों की नौकरी छोड़ने का फैसला?
उन्होंने कहा कि उनका पहला कदम अपने परिवार को विश्वास में लेना था. वह अपनी पत्नी डॉ. मोक्षदा मनचंदा के साथ मुंबई में रहते हैं, जो 30 साल की हैं और अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं. अगला कदम अपने पैसे की सही योजना बनाना था. इसलिए, अगले दो से तीन महीनों के लिए, दंपति ने अपने सभी बड़े और छोटे खर्चों पर ध्यान दिया. 

HT.com पर छपी खबर के मुताबिक, हसीजा ने बताया कि मैंने एक बेसिक एक्सेल शीट बनाई और उसमें हर चीज़ को अलग-अलग लिखा. जैसे किराया, किराने का सामान, बीमा, बाहर खाना, यात्रा...हर चीज.  हर महीने के अंत में, हम देखते थे कि पैसा कहां गया और उसे 'जरूरी' (आवश्यक) और 'अच्छी-से-अच्छी' जरूरत में में बांट देते थे. ' कुछ महीनों के बाद, दम्पति को अपने एवरेज मासिक खर्च का अंदाजा हो गया और इस प्रकार, उन्होंने एक आंकड़ा निकाला जो उन्हें लगा कि उनकी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए आवश्यक है.

हसीजा के मुताबिक,  'मैंने छह महीने के ब्रेक की योजना बनाई थी, लेकिन बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमने बफर के रूप में छह महीने और जोड़ दिए. इसलिए हमने मासिक बजट को 12 से गुणा कर दिया और इससे हमने साल भर की एक योजना बना ली.'


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क्या है 1 साल तक का प्लान
हाउसिंग लोन न होने की वजह से दंपति को यह तय करने में मदद मिली कि एक साथी अपनी उच्च वेतन वाली नौकरी छोड़ सकता है. कपल मुंबई के पवई में किराए पर रहता है. हसीजा ने कहा, 'हमने अपनी बुनियादी जीवनशैली को कवर करने के लिए पर्याप्त योजना बनाई है. अगर कुछ बड़ा होता है, तो हम अपने इन्वेस्टमेंट में कटौती कर सकते हैं, लेकिन यह अंतिम उपाय की तरह है.' वरुण ने थ्रेड पर लिखा कि नौकरी छोड़ना कठिन था लेकिन कभी-कभी आगे बढ़ना जरूरी होतै हो.  हसीजा पिछले दो महीने से अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं और साथ ही अपनी मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दे रहे हैं. 

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