टेक-ऑटो
Job Layoffs by AI: हमारी जिंदगी में तेजी से जगह बना रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं. सबसे बड़ी चर्चा इसके चलते बहुत सारे लोगों की नौकरियां खत्म होने की है. इसे लेकर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी बात की है.
Job Layoffs by AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) ने तेजी से हमारी जिंदगी में जगह बनाई है. इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा AI के कारण बड़े पैमाने पर लोगों के बेरोजगार हो जाने की है. हालांकि AI का समर्थन करने वाले यह कहते हैं कि कम से कम फिलहाल तो इसके चलते नौकरियों में कटौती होने के बजाय लाखों नई नौकरियों जनरेट होने जा रही हैं. इनका कहना है कि AI ठीक उसी तरह है, जैसे कई दशक पहले कंप्यूटर्स थे, जिनके चलते हजारों लोगों की नौकरियां जाने के बजाय कई तरह के नए रोजगार पैदा हो गए थे. AI के तेजी से हो रहे फैलाव और रोजाना ज्यादा से ज्यादा कंपनियों के इस लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपनाने के कारण यह बहस लगातार बढ़ती ही जा रही है. गूगल (Google), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), फेसबुक (Facebook) उन दिग्गज टेक कंपनियों में से हैं, जो AI पर भी अपना उसी तरह का कंट्रोल बनाने की कोशिश कर रही हैं, जैसा वे अब तक टेक इंडस्ट्री में अपने-अपने सेगमेंट में बनाए हुए हैं. ऐसे में इन कंपनियों के टॉप लीड अफसरों की सोच नौकरियों को लेकर चल रही बहस को ज्यादा स्पष्ट करती है. इसी को लेकर अब गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने भी बात की है.
गूगल नहीं निकालने जा रहा कर्मचारी
सुंदर पिचाई ने सेन फ्रांसिस्को में ब्लूमबर्ग से एआई टेक्नीक को लेकर बात की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि गूगल एआई इंजीनियरिंग के मौजूदा फेज से आगे निकलकर दूसरे फेज में एंट्री कर जाएगा. उन्होंने इस बात को खारिज किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण गूगल में बड़े पैमाने पर छंटनी होगी, जिसमें करीब 1,80,000 कर्मचारियों को हटा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि AI लोगों को हटाने नहीं बल्कि उन्हें ज्यादा सशक्त बनाने जा रहा है.
नौकरियों के लिए 'एक्सीलेटर' साबित होगा AI?
पिचाई ने एआई टेक्नोलॉजी को 'एक्सीलेटर' बताते हुए कहा कि AI की मदद से इंजीनियरों का काम आसान होगा. इससे उन्हें ज्यादा दोहराव वाले कामों को हटाकर अधिक अहम समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देकर अधिक कुशलता से काम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि गूगल में नौकरियों में कटौती के बजाय एआई के कारण उत्पादकता बढ़ने से और ज्यादा रोजगार पैदा होगा, क्योंकि इसकी मदद से नए प्रॉडक्ट्स डेवलप करने को बढ़ावा मिलेगा.
गूगल कर चुका है कई बार छंटनी
बता दें कि हालिया सालों में गूगल में कई बार छंटनी हो चुकी है और निकट भविष्य में भी छंटनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है. दिग्गज टेक कंपनी ने 2023 में 12,000 से अधिक कर्मचारियों को निकाला था. पिछले साल भी कम से कम 1,000 से अधिक कर्मचारियों को पिंक-पे स्लिप (Pink Pay Slip) दी गई. Goggle Cloud टीम में 100 से कम और डिवाइस यूनिट में भी कई सौ से ज्यादा पोजीशन खत्म कर दी गई हैं.
सुंदर पिचाई ने भी माना एंट्री लेवल की नौकरी खा सकता है AI
सुंदर पिचाई ने एंथ्रोपिक (Anthropic) के सीईओ Dario Amodei की चिंताओं पर भी बात की, जिन्होंने कहा था क AI अगले 5 साल में एंट्री लेवल की व्हाइट कॉलर जॉब्स में से आधी को खत्म कर सता है. पिचाई ने कहा,' मैं इस विचार की इज्जत करता हूं. मेरे ख्याल से ऐसी आवाज उठाना और उन चिंताओं पर बहस करना अहम है. हालांकि उन्होंने एआई का अल्फाबेट के कर्मचारियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, ये पूछे जाने पर उम्मीद जताते हुए कहा कि यह तकनीक कर्मचारियों को नीरस प्रशासनिक काम से मुक्त कर सकती है ताकि वे अधिक रचनात्मक कार्यों को संभाल सकें.
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