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Fake Wedding Invitations: शादी में आना है... यह निमंत्रण नहीं, हो सकता है साइबर ट्रैप, लिंक पर किल्क करते ही बैंक बैंलेस होगा साफ

Wedding Invitation APK File Fraud: साइबर ठगों ने Digital Wedding Invitation Card को अपना नया साइबर ट्रैप बना लिया है. ऐसे में Whatsapp, ईमेल या टेलीग्राम पर विवाह समारोह के लिए आने वाले निमंत्रण से सावधान रहना बेहद जरूरी है.

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Fake Wedding Invitations: शादी में आना है... यह निमंत्रण नहीं, हो सकता है साइबर ट्रैप, लिंक पर किल्क करते ही बैंक बैंलेस होगा साफ

Wedding Invitation APK File Fraud

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Fake Wedding Invitation APK Fraud:  इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए शादी या अन्य शुभ कार्यक्रम का निमंत्रण भेजा जाने लगा है. लोगों को Digital Invitation Card बनाकर Whatsapp पर भेज देना ज्यादा आसान लगता है. लेकिन, अब साइबर ठगों ने इसी को अपना नया साइबर ट्रैप बना लिया है. ऐसे में विवाह समारोह के लिए आने वाले ई-निमंत्रण से सावधान रहना बेहद जरूरी है. राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को शादी के ई-निमंत्रण में छपे 'आमंत्रण.apk'  फाइल से सतर्क रहने की सलाह दी है. 

ई-निमंत्रण बन रहा ठगी का जाल

बता दें कि साइबर ठग वॉट्सएप, ईमेल, टेलीग्राम पर विवाह आमंत्रण या गिफ्ट लिंक और लोकेशन लिंक के रूप में apk फ़ाइल भेजते हैं, इस लिंक पर क्लिक करते ही एप्लिकेशन इंस्टॉल हो जाता है. इस स्थिति में बैकडोर मैलवेयर के चलते मोबाइल हैक हो सकता है. साइबर ठग इसे एक्सेस करके मोबाइल  की तमाम जानकारी हासिल कर लेते हैं. इस तरह के मैसेज के साथ आपके पास कोई APK फाइल आए तो समझ लीजिए यह खतरे की घंटी है. इसपर भूलकर भी क्लिक न करें. क्योंकि इससे मोबाइल में मौजूद जानकारी के साथ ही आपके बैंक खाते में मौजूद बैंलेस साफ हो सकता है. 

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क्या होता है APK 

एपीके (APK) यानी एंड्राइड एप्लिकेशन पैकेज एक प्रकार की फाइल होती है, जिसका इस्तेमाल एंड्राइड आपरेटिंग सिस्टम पर मौजूद एप्स को बांटने और उन्हें मोबाइल में इंस्टाल करने के लिए होता है. एक एपीके फाइल में तमाम प्रकार के कोड, संसाधन और अन्य तरह की कई जानकारी शामिल होती है. साइबर ठग इसी का इस्तेमाल कर मोबाइल हैक करते हैं और फिर ठगी को अंजाम देते हैं. 

कैसे करें बचाव? 

साइबर क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल सेटिंग्स में जाकर इंस्टॉल फ्रॉर्म Unknown Sources विकल्प को Disabled करें.  इसके अलावा ठगी की जानकारी होने पर सबसे पहले 1930 पर शिकायत करें, या संबंधित थाने की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं. किसी भी स्थिति में बिना जानकारी एपीके फाइल न खोलें और दो चरणों में सत्यापन करें. आटो डाउनलोड से बचें और सार्वजनिक स्थलों पर मिलने वाले इंटरनेट, वाई-फाई का इस्तेमाल न करें तो बेहतर है. 

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