Advertisement

गूगल को क्यों बेचना पड़ रहा है Chrome? ये है अंदर की कहानी... भारतीय की कंपनी ने दिया 3023566200000 रुपये में खरीदने का ऑफर

अरविंद श्रीनिवास की AI कंपनी Perplexity AI ने गूगल क्रोम को खरीदने का ऑफर दिया है. कंपनी ने 34.5 बिलियन डॉलर यानी करीब तीन लाख करोड़ रुपये में Google Chrome को खरीदने का प्रस्ताव दिया है. लेकिन सवाल ये है कि गूगल को अपनी दुधारु गाय यानी गूगल क्रोम को बेचना क्यों पड़ रहा है? चलिए जानते हैं.

Kusum Lata | Aug 13, 2025, 01:15 PM IST

1.Why Google is forced to sell Chrome

Why Google is forced to sell Chrome
1

गूगल के खिलाफ एंटी ट्रस्ट केस चल रहा है. बीते साल अमेरिका की एक अदालत ने फैसला सुनाया था कि गूगल ने गलत तरीके से इंटरनेट सर्च में अपना एकाधिकार स्थापित कर लिया है. अमेरिकी अदालत ने समाधान के तौर पर गूगल से कहा है कि वो अपना गूगल क्रोम बिजनेस बेच दे.

Advertisement

2.What Federal Judgement Said

What Federal Judgement Said
2

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने कहा, 'आपने जो नुकसान पहुंचाया है उसकी भारपाई के लिए गूगल को क्रोम को बेचना होगा. इससे इस क्रिटिकल सर्च एक्सेस पॉइंट पर गूगल का कंट्रोल खत्म होगा और दूसरे सर्च इंजन्स को क्रोम का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा.'

3.How Big is Google Chrome

How Big is Google Chrome
3

गूगल क्रोम को गूगल की दुधारू गाय भी कहा जा सकता है. गूगल क्रोम के पूरी दुनिया में 3 बिलियन से भी ज्यादा यूजर्स हैं. यह पूरी दुनिया के एक-तिहाई इंटरनेट यूजर्स से ज्यादा हैं. इस ब्राउजर पर यूजर के बिहेवियर, सर्च पैटर्न और वो किस-किस वेबसाइट पर जाता है ये ट्रैक करके टारगेटेड ऐड्स पुश करता है. केवल क्रोम ऐड से गूगल करीब 300 बिलियन डॉलर की कमाई करता है. ब्राउज़र मार्केट में गूगल क्रोम की हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत है जबकि पूरे सर्च ईकोसिस्टम में गूगल करीब 90 प्रतिशत मार्केट पर डॉमिनेट करता है.

4.What Perplexity is offering to google

What Perplexity is offering to google
4

परप्लेक्सिटी ने कैश में 34.5 बिलियन डॉलर में क्रोम को खरीदने का ऑफर दिया है. इसके साथ ही कंपनी ने अगले दो साल में क्रोम को और बेहतर बनाने के लिए 3 बिलियन डॉलर खर्च करने का प्लान किया है. परप्लेक्सिटी ने कहा है कि वह क्रोम के क्रोमियम कोड को ओपन सोर्स ही रहने देगी. परप्लेक्सिटी ने कहा है कि वह क्रोम के डिफॉल्ट सर्च इंजन सेटिंग में बदलाव नहीं करेगी. इतना ही नहीं परप्लेक्सिटी क्रोम के वर्क फोर्स के एक बड़े हिस्से को रिटेन भी करेगी.

5.How Big is Perplexity

How Big is Perplexity
5

परप्लेक्सिटी AI गूगल के मुकाबले बहुत छोटी कंपनी है. ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि कोई छोटी कंपनी किसी बड़ी कंपनी का कोई प्रोडक्ट खरीदने की पेशकश कर रही हो. ढाई साल पहले शुरू हुई परप्लेक्सिटी AI की वैल्युएशन करीब 18 बिलियन डॉलर की है और कंपनी ने क्रोम को खरीदने के लिए 34.5 बिलियन डॉलर की पेशकश की है. यह परप्लेक्सिटी का इस साल का दूसरा बड़ा अधिग्रहण का प्रस्ताव है. इससे पहले कंपनी ने टिकटॉक के US ऑपरेशन को खरीदने की पेशकश की थी.

6.Why perplexity wants to buy Chrome

Why perplexity wants to buy Chrome
6

क्रोम खरीदते ही परफ्लेक्सिटी को गूगल क्रोम के कई बिलियन यूजर्स मिल जाएंगे. यानी कंपनी को अपने AI के लिए बैठे बिठाए करोड़ों यूज़र्स मिल जाएंगे. जिनकी मदद से परप्लेक्सिटी अपने AI और ज्यादा मजबूत बनाएगा. यह AI-powered search dominance में परप्लेक्सिटी के लिए बहुत ज्यादा मददगार होगा.

Advertisement
Advertisement
Advertisement