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अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज करना चाहते हैं डबल? तो फटाफट कर लें ये बदलाव

अगर आपको भी अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर के कम रेंज से परेशानी हो रही है तो आप इन टिप्स को अपना कर आसानी से अपने EV की रेंज को बढ़ा सकते हैं.

अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज करना चाहते हैं डबल? तो फटाफट कर लें ये बदलाव

Electric scooter

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डीएनए हिंदीः आजकल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है. इसका मुख्य कारण है इलेक्ट्रिक स्कूटर और कार में मिलने वाला जबरदस्त रेंज जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने का काम कर रहा है. लेकिन कई बार कम चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर न होने के कारण हमें परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है. यह परेशानी उन लोगों के लिए ज्यादा बड़ी बन जाती है जिनके स्कूटर की बैटरी पुरानी है. इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक बताने जा रहे हैं जिससे आप इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की पुरानी बैटरी होने के बावजूद भी उससे ज्यादा रेंज प्राप्त कर सकते हैं.

OEM द्वारा बताए गए टायर प्रेशर को रखें मेंटेन

इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज में टायर प्रेशर का सीधा प्रभाव पड़ता है. एक पूरी तरह से हवा भरे टायर का मतलब है कि टायर और जमीन के बीच न्यूनतम संपर्क होता है जिसके परिणामस्वरूप रोलिंग रजिस्टेंस कम हो जाता है. यह ध्यान रखता है कि मोटर को ज्याद काम न करना पड़े और इससे कम पावर जेनरेट होता है और उसकी खपत भी कम होती है. इससे बैटरी पैक एनर्जी बचा सकता है जिससे ज्यादा दूरी तय करने में मदद मिलती है. वहीं टायर में कम हवा भरे होने पर टायर का ज्यादा हिस्सा ग्राउंड को टच करता है जिससे ज्यादा रोलिंग रजिस्टेंस पैदा होता है जो स्कूटर की ऊर्जा कम कर देता है.

थ्रॉटल और ब्रेक का रखें ध्यान

हमेशा धीमी और पावर सेविंग मोड में ड्राइविंग करने की कोशिश करें क्योंकि स्पीड मोड बैटरी को तेजी से खत्म करते हैं जिससे रेंज कम हो जाती है. पावर सेविंग मोड में स्कूटर को चलाने से बैटरी ज्यादा समय तक चलती है जिससे स्कूटर को बेहतर रेंज मिलता है. इसके साथ ही एक्सेलरेटर को भी बार-बार तेज न करें और स्पीड बंप पर ब्रेक का भी सही तरीके से इस्तेमाल करें क्योंकि दोनों ही ज्यादा बैटरी पावर को कंज्यूम करते हैं.

बिना काम के फीचर्स को करें बंद

अभी के इलेक्ट्रॉनिक स्कूटर्स में ऐसे कई फीचर्स आते हैं जिनकी जरूरत हमें कम पड़ती है जिसमें ब्लूटूथ, स्मार्ट नेविगेशन आदि शामिल है. अगर आप इन बिना काम के इलेक्ट्रॉनिक्स को बंद कर देते हैं तो बैटरी पर कम प्रेशर पड़ेगा और ज्यादा रेंज मिलेगा. ब्लूटूथ और रिफ्लेक्टर लाइट्स को आसानी से बंद किया जा सकता है वहीं दिन के समय में LED डेटाइम रनिंग लाइट्स और हेडलैम्प्स को भी बंद कर सकते हैं. 

बैटरी अपग्रेडेशन भी है जरूरी

अगर आपके स्कूटर की मौजूदा बैटरी आपके जरूरतों को पूरा नहीं कर रही है तो आप बैटरी को अपग्रेड भी कर सकते हैं जिससे बेहतर रेंज मिल सकता है. इसके अलावा आप अपने इलेकट्रिक स्कूटर के अनुसार हाई वोल्टेज वाली बैटरी में भी अपग्रेड कर सकते हैं. इसके अलावा कुछ स्कूटर दूसरी बैटरी के लिए रिजर्व्ड स्लॉट के साथ आते हैं तो आप एक साथ दो वैटरी का इस्तेमाल कर सकते हैं. दूसरी बैटरी को जोड़ने से आप अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर में दोगुना रेंज पा सकते हैं. 

बैटरी चार्जिंग का रखें ध्यान

सभी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है जिनकी लाइफ दो से तीन साल की होती है. ऐसे में यदि आप कुछ बातों का ध्यान रखते हैं तो इनके लाइफ को बढ़ा सकते हैं. इसके लिए आपको बैटरी को पूरा ड्रेन नहीं होने देना है और जब 15 प्रतिशत तक बैटरी बची तभी इसे चार्ज करना है. इसके साथ ज्यादा तेज धूप या सर्दी में बैटरी को नहीं रखना है. लिथियम बैटरी 25 प्रतिशत के टेम्प्रेचर पर बेहतरीन काम करती है. ज्यादा टेम्प्रेचर पर इनकी लाइफ कम हो जाती है वहीं ज्यादा ठंड पर इनकी पावर में कमी आ जाती है.

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