टेक-ऑटो
निकट भविष्य में इंटरनेट पर सबसे बड़ा बदलाव उम्र की पुष्टि से जुड़ा है. जहां पहले लोग सिर्फ एक बॉक्स में टिक करके कहते थे कि वे 18 वर्ष से ऊपर हैं, अब वह तरीका पर्याप्त नहीं होगा...
टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक खबर चर्चा का विषय है. 'ऑफकॉम' ने बच्चों को ऑनलाइन नुकसान से बचाने के लिए नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं. खासतौर पर उन वेबसाइट्स के लिए, जो वयस्क सामग्री जैसे पोर्नोग्राफी दिखाती हैं. अब उन्हें अपने प्लेटफ़ॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की उम्र की पुष्टि करना अनिवार्य होगा. इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके एल्गोरिदम बच्चों को हानिकारक कंटेंट न दिखाएं. अगर उनकी नीति कहती है कि ऐसी सामग्री प्रतिबंधित है, तो उन्हें उसे प्रभावी ढंग से लागू करना होगा.
बता दें कि निकट भविष्य में इंटरनेट पर सबसे बड़ा बदलाव उम्र की पुष्टि से जुड़ा है. जहां पहले लोग सिर्फ एक बॉक्स में टिक करके कहते थे कि वे 18 वर्ष से ऊपर हैं, अब वह तरीका पर्याप्त नहीं होगा. वेबसाइट्स को उपयोगकर्ता की उम्र का सही तरीके से सत्यापन करना होगा.
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बताया जा रहा है कि उम्र का सत्यापन क्रेडिट कार्ड के अलावा पहचान पत्र से किया जाएगा इसके अलावा AI का इस्तेमाल कर चेहरा पहचानकर उम्र का अनुमान लगाने का प्रयास होगा।
यह तकनीक चेहरे की पहचान से अलग है. फेस रिकग्निशन किसी व्यक्ति की पहचान करता है, जबकि फेस एज एस्टिमेशन सिर्फ उम्र का अनुमान लगाता है. इसमें चेहरे की हड्डियों, त्वचा और अन्य उम्र से जुड़े संकेतों का विश्लेषण करके यह तय किया जाता है कि व्यक्ति 18 साल से बड़ा है या नहीं.
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ऑफकॉम ने कहा है कि जो साइट्स नियमों का पालन नहीं करेंगी, उन्हें भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. कहा जा रहा है कि इसमें 18 मिलियन पाउंड या 10% तक का वार्षिक राजस्व का जुर्माना शामिल है. वहीं कुछ एक गंभीर मामलों में यूके में साइट को बंद भी किया जा सकता है. तमाम एक्सपर्ट्स इस बात को मान रहे हैं कि नए बदलाव बच्चों को सुरक्षित रखेंगे. कई सालों से बच्चों को बिना किसी रोकटोक ऐसे कंटेंट तक पहुंच मिल रही है, जिसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. अब इसे बदलने का समय आ गया है.
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये नियम हर बच्चे को वयस्क सामग्री देखने से पूरी तरह नहीं रोक सकते, लेकिन इससे यह सुनिश्चित होगा कि उन्हें ऐसी सामग्री गलती से न दिखे. कहा ये भी जा रहा है कि, अक्सर बच्चे खुद खोजकर नहीं, बल्कि गलती से ऐसे कंटेंट तक पहुंचते हैं. स्क्रॉल करते हुए अचानक ऐसी चीज़ दिख जाती है, जो उनके लिए डरावनी और परेशान करने वाली हो सकती है. इसलिए ये नियम बच्चों को अनचाही सामग्री से बचाने में मदद करेंगे.'
कई बड़ी कंपनियों जैसे यूके की सबसे बड़ी पोर्न साइट Pornhub, लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म Discord और Reddit और डेटिंग ऐप Grindr ने पहले ही इन नियमों को अपनाने का एलान कर दिया है. ज्ञात हो कि Reddit पहले ही सेल्फ-हार्म, आत्महत्या और पोर्नोग्राफी जैसी सामग्री पर उम्र सत्यापन लागू कर चुका है.
जिक्र फायदों का हुआ है तो बताते चलें कि इससे बच्चों को ऑनलाइन नुकसान से बचाना, अनुचित सामग्री के अनचाहे एक्सपोज़र को रोकना, जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देना, सुरक्षित डिजिटल दुनिया की ओर कदम बढ़ाना शामिल है. बहरहाल जैसे शराब खरीदने से पहले उम्र की पुष्टि जरूरी होती है, वैसे ही अब इंटरनेट पर सामग्री देखने से पहले उम्र सत्यापन आवश्यक माना जा रहा है. यह बदलाव तकनीकी होने के साथ-साथ सामाजिक सुधार की दिशा में भी एक बड़ा कदम है.
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