टेक-ऑटो
No Fuel To Old Cars: दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि एक्सपायर हो चुकी गाड़ियों को एक जुलाई से पेट्रोल-डीज़ल नहीं मिलेगा. अगर पेट्रोल पंप ऐसी गाड़ियों में फ्यूल भरते हैं तो उन्हें कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
No Fuel To Old Cars: प्रदूषण से लड़ने के लिए दिल्ली सरकार सख्त कदम उठा रही है. दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि ऐसी गाड़ियों को 1 जुलाई से पेट्रोल या डीज़ल नहीं बेचा जाएगा जिनका रजिस्ट्रेशन एक्सपायर हो चुका है. पेट्रोल पंप संचालकों को इसे लेकर सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं. एक्सपायर्ड गाड़ियों से मतलब पुरानी गाड़ियों से है. डीजल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 10 साल तक के लिए वैलिड होता है, वहीं पेट्रोल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 15 साल तक के लिए वैलिड होता है. ऐसी गाड़ियों की लिस्ट परिवहन विभाग के डेटा में मौजूद है.
दिल्ली के 520 में से 500 फ्यूल स्टेशंस पर नंबर प्लेट्स की पहचान करने वाले ANPR कैमरे लगाए गए हैं. कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट का कहना है कि बचे हुए स्टेशंस में 30 जून तक ANPR कैमरे लगा दिए जाएंगे. जैसे ही कोई गाड़ी पेट्रोल पंप में आएगी, ये कैमरा उसकी नंबर प्लेट रीड करेगा और वाहन पोर्टल से उसकी रजिस्ट्रेशन डिटेल्स चेक करेगा. अगर गाड़ी पुरानी निकली तो ANPR कैमरा अलर्ट भेज देगा. ऐसी गाड़ियों को अगर पेट्रोल पंप फ्यूल बेचते पाए गए तो उन पर कानूनी कार्रवाई होगी.अथॉरिटीज़ आपकी पुरानी गाड़ी को जब्त कर सकती हैं या उन्हें सीधे स्क्रैपिंग के लिए भेजा जा सकता है.
पुरानी गाड़ियों को पेट्रोल न देने का नियम दिल्ली से शुरू होगा. लेकिन इसे पूरे एनसीआर में लागू किया जाएगा. एनसीआर के पांच बड़े शहरों- नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद और सोनीपत के फ्यूल स्टेशनों में 31 अक्तूबर तक ANPR कैमरे लगा दिए जाएंगे. वहीं, NCR के अन्य शहरों में 31 मार्च, 2026 तक ये नियम लागू कर दिया जाएगा.
मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के मुताबिक, डीज़ल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 10 साल और पेट्रोल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 15 साल तक के लिए किया जाता है. उसके बाद रजिस्ट्रेशन एक्सपायर हो जाता है. यहां आपके पास दो ऑप्शन होते हैं- पहला ये कि आप अपनी गाड़ी स्क्रैप कर दें और सरकार की स्क्रैप पॉलिसी के तहत मिलने वाली सब्सिडी का फायदा नई कार पर्चेस में उठाएं.
दूसरा ऑप्शन ये है कि आप अपनी गाड़ी के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट ले लें. अगर आपको लगता है कि आपकी गाड़ी का रखरखाव अच्छा है और वो अभी और चल सकती है, तो आप RC की वैलिडिटी खत्म होने से कम से कम 60 दिन पहले अपनी गाड़ी के NOC के लिए अप्लाई करें. इसके लिए पहले आपकी गाड़ी का फिटनेस टेस्ट होगा. टेस्ट में गाड़ी पास होती है तो आपको NOC मिलेगा और उस NOC की मदद से आपको अपनी गाड़ी को दोबारा रजिस्टर करवाना होगा. यहां बता दें कि दोबारा रजिस्ट्रेशन केवल 5 साल के लिए वैलिड होगा. इसके साथ ही फिटनेस टेस्ट और रजिस्ट्रेशन के लिए आपको सामान्य से ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे. पांच साल बाद भी अगर आपको लगता है कि आपकी गाड़ी फिट है तो आपको फिर से उसका फिटनेस और रजिस्ट्रेशन करवाना होगा.
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