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Himachal Pradesh में घटी पर्यटकों की संख्या, अब उत्तराखंड और कश्मीर को तरजीह दे रहे लोग

पिछले कुछ सालों में कोरोना महामारी और अन्य वजहों से हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या तेजी से कम हुई है. इस वजह से वहां के लोग परेशान हैं.

Himachal Pradesh में घटी पर्यटकों की संख्या, अब उत्तराखंड और कश्मीर को तरजीह दे रहे लोग

हिमाचल प्रदेश में घटे पर्यटक

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डीएनए हिंदी: कोरोना महामारी के पहले की तुलना में अब हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या तेजी से घटी है. ज्यादातर पर्यटक अब हिमाचल के बजाय उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों को तरजीह दे रहे हैं. इसका असर हिमाचल प्रदेश के टूरिजम सेक्टर पर और लोगों की कमाई पर भी पड़ रहा है.

अभी भी हिमाचल में वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ आती है, लेकिन कुल मिलाकर पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है. इसका कारण यह बताया जाता है कि हिमाचल प्रदेश उन जगहों का प्रचार-प्रसार करने में नाकाम रहा है, जिनके बारे में लोग कम जाते हैं. दूसरी तरफ, कश्मीर और उत्तराखंड की ऐसी जगहों पर लोगों का जाना बढ़ गया है.

कमाई का मुख्य जरिया है टूरिजम
आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर लोगों की आय का साधन टूरिजम इंडस्ट्री ही है. प्रदेश के लाखों युवा इसी सेक्टर से जुड़े हुए हैं. हालांकि, अब हालात ये हैं कि प्रदेश के हिल स्टेशनों पर सिर्फ वीकेंड में भीड़ आती है. यहां वीकेंड वाले टूरिस्ट प्लेस की संख्या भी हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से कहीं ज्यादा है.

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टूरिजम एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल महीने में शिमला के होटलों में बुकिंग, कोरोना महामारी के पहले की तुलना में 60-70 प्रतिशत घट गई है. हिमाचल प्रदेश टूरिजम इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर असोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंदर सेठ कहते हैं, 'कोरोना महामारी के चलते पिछले तीन साल से होटल इंडस्ट्री पहले से ही तंगी के हाल से गुजर रही है. इस साल अच्छी कमाई की उम्मीद थी, लेकिन लोगों के कम आने से चिंताएं बढ़ गई हैं.'

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प्रचार-प्रसार न होने से हो रहा नुकसान
शिमला में काम करने वाले टूर ऑपरेटर सुरेश डोगरा कहते हैं, 'शिमला में और उसके पास कई शानदार और खूबसूरत जगहें हैं, लेकिन प्रचार-प्रसार न होने की वजह से लोग उनके बारे में जानते ही नहीं हैं.' इसके अलावा, हिमाचल अब लोगों के लिए बीच का ठहराव बन गया है. लोग कश्मीर जाने के लिए पहले यहां रुकते हैं फिर चले जाते हैं. ठीक ऐसे ही हालात मनाली, धर्मशाला और डलहौजी का भी है.

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