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जालौन में दिखी इंसानियत की मिसाल, Police व ग्राम प्रधान बने नवजात बच्चे के लिए प्राण दाता

जालौन में एक मां अपने नवजात शिशु को कचरे में फेंक कर चली गई. पुलिस और ग्राम प्रधान ने बचाई जान.

जालौन में दिखी इंसानियत की मिसाल, Police व ग्राम प्रधान बने नवजात बच्चे के लिए प्राण दाता

जालौन में दिखी इंसानियत की मिसाल, पुलिस व ग्राम प्रधान बने नवजात बच्चे के लिए प्राण दाता

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डीएनए हिंदीः कहते हैं पैदा करने वाले से ज्यादा बड़ा बचाने वाला होता है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के गांव पिया मवई में देखने को मिला है. यहां एक नवजात शिशु को जन्म देने के बाद उसकी मां ने तुरंत बाद ही कचरे में फेंक दिया. ग्राम प्रधान ने उस बच्ची को कचरे में देखकर पुलिस को सूचना दी गई. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को तुरंत अस्पताल पंहुचाया. अस्पताल में उस बच्ची के जीवन को बचा लिया गया. 

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दरअसल बुधवार को गांव के ही एक बच्चे ने कचरे से नवजात के रोने की आवाज सुनी. इसकी जानकारी तुरंत ही ग्राम प्रधान को दी गई. ग्राम प्रधान ने मामले के बारे ें तुरंत पुलिस को सूचित किया. जिसके तुरंत बाद उरई कोतवाली के SI अशोक यादव व उनकी टीम ने गांव पहुंची और वहां से बच्ची को ले जाकर महिला अस्पताल के नवजात वार्ड में भर्ती करा दिया. जहां डॉक्टर बच्ची की देखभाल कर रहे हैं. 

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जालौन के ASP असीम चौधरी ने बताया कि नवजात बच्चे की खबर सुनकर बाल विकास अधिकारी भी मौके पर अस्पताल पहुंचें. जहां उन्होंने डॉक्टरों की टीम से बात करके बच्चे की हालत को देखते हुए उसे तुरंत एम्बुलेंस द्वारा झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना कर दिया. जानकारी के अनुसार, अब नवजात बच्ची बिल्कुल स्वस्थ है. झांसी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की एक टीम ने इस बात की पुष्टि की है. वहीं पुलिस विभाग व ग्राम प्रधान के मिले जुले इस प्रयास की लोग सराहना कर रहे हैं. 

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