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Delhi Earthquake: दिल्ली में बार-बार क्यों आता है भूकंप, हाई-रिस्क जोन में हैं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई इलाके

दिल्ली में भूकंप के झटके नियमित आते हैं. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र भूकंप के लिहाज से हाई-रिस्क जोन में है. यहां ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप का खतरा भी है.

Delhi Earthquake: दिल्ली में बार-बार क्यों आता है भूकंप, हाई-रिस्क जोन में हैं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई इलाके
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सोमवार को अहले सुबह दिल्ली की धरती एक बार फिर कांप उठी. सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर दिल्ली और आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. झटका इतना तेज था कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके आते ही रहते हैं. इससे पहले 23 जनवरी को भी हल्के झटके महसूस किए गए थे. सोमवार को आया ज्यादा तेज था क्योंकि इसका केंद्र दिल्ली में ही था.


दिल्ली-एनसीआर भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. दरअसल, दिल्ली तीन सक्रिय भूकंपीय रेखाओं के पास स्थित है. इनमें सोहना, मथुरा और दिल्ली-मुरादाबाद शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में गुरुग्राम सबसे जोखिम भरा इलाका है, क्योंकि यह सात फॉल्ट लाइन पर स्थित है. चूंकि दिल्ली-एनसीआर हिमालय के करीब है. इसलिए टेक्टोनिक प्लेटों में होने वाले बदलावों का यहां ज्यादा असर पड़ता है. हिमालय क्षेत्र में कोई भी भूकंप दिल्ली-एनसीआर को प्रभावित कर सकता है.

क्यों आता है भूकंप
पृथ्वी की ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी हैं. जब इन प्लेट्स में हलचल होती है, तब भूकंप का खतरा होता है. जब ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकराती हैं, पास  आती हैं या दूर होती हैं तब जमीन हिलने लगती है. 

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दिल्ली में तेज भूकंप का खतरा
पूरे भारत को चार भूकंपीय क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है. जोन 5 वह क्षेत्र है, जहां सबसे तीव्र भूकंप आते हैं, जबकि सबसे कम तीव्र भूकंप जोन 2 में आते हैं. देश का लगभग 11% क्षेत्र जोन 5 में, 18% क्षेत्र जोन 4 में, 30% क्षेत्र जोन 3 में और शेष क्षेत्र जोन 2 में आते हैं. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र जोन-4 में है, जो दूसरी सबसे ऊंची श्रेणी है. ऐसे में यहां 8-9 तीव्रता के भूकंप का खतरा भी बना रहता है.

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इन इलाकों में ज्यादा जोखिम
भूकंपीय क्षेत्र के लिहाज से दिल्ली को भी तीन इलाकों में बांटा गया है. उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के कुछ इलाके भूकंप की सबसे ज्यादा आशंका वाले क्षेत्रों में शामिल हैं. इसमें डीयू का नॉर्थ कैंपस, वजीराबाद, जहांगीरपुरी और जनकपुरी जैसे इलाके शामिल हैं. इससे कम थोड़ी आशंका वाले क्षेत्रों में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बुराड़ी और नजफगढ़ के इलाके शामिल हैं. एम्स, नारायणा और जेएनयू भूकंप के लिहाज से सबसे सुरक्षित इलाकों में शामिल किए गए हैं.

 

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