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Diamond League: Neeraj Chopra ने इतिहास रचकर जीता गोल्ड, पार किया करियर का सबसे बड़ा बैरियर

Neeraj Chopra Won Gold: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के करियर में अब तक सबसे बड़ी बाधा उनका 90 मीटर थ्रो नहीं कर पाना थी. दोहा डायमंड लीग में उन्होंने इस बाधा पर भी जीत हासिल कर ली है.

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Diamond League: Neeraj Chopra ने इतिहास रचकर जीता गोल्ड, पार किया करियर का सबसे बड़ा बैरियर
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Neeraj Chopra Won Gold: ओलंपिक चैंपियन जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और गोल्ड मेडल, अब एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं. नीरज जहां भी खेलने उतरते हैं, यह मेडल तो उनके खाते में आ ही जाता है. लेकिन दोहा डायमंड लीग 2025 (Doha Diamond League 2025) में नीरज ने उस कारनामे के साथ गोल्ड मेडल जीता है, जो उनके करियर में अब तक सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था. नीरज चोपड़ा ने पहली बार अपने करियर में 90 मीटर से ज्यादा की थ्रो करते हुए गोल्ड मेडल जीता और ऐसा करने वाले चुनिंदा जैवलिन थ्रोअर्स की लिस्ट में अपना नाम शामिल करा लिया है. दो बार के ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने दोहा में इस साल पहली बार किसी कॉम्पिटीशन में उतरते हुए 90.23 मीटर की जोरदार थ्रो के साथ मेडल जीतकर यह मुकाम हासिल किया है.

शादी के बाद पहले कॉम्पिटीशन में उतरे थे नीरज
नीरज चोपड़ा ने इसी साल शादी की है. शादी के बाद वे पहली बार किसी कॉम्पिटीशन में उतरे थे. 16 मई की रात को उन्होंने कतर की राजधानी दोहा में डायमंड लीग के दौरान इतिहास रचा. उन्होंने अपने तीसरे ही थ्रो में 90 मीटर की उस बाधा को पार कर लिया, जो उनके करियर में अब तक सबसे बड़ा चैलेंज साबित हुई है. नीरज ने 90.23 मीटर थ्रो फेंकी और इसी के साथ इतिहास कायम हो गया.

नए कोच के अंडर में हासिल की पहली जीत
पिछले साल नीरज डायमंड लीग फाइनल में खिताब से चूके थे. इसके बाद उन्होंने किसी कॉम्पिटीशन में शिरकत नहीं की थी, लेकिन वे लगातार अपने नए कोच यान जैलेज्नी की कोचिंग में जोरदार ट्रेनिंग कर रहे थे. जैलेज्नी को जैवलिन थ्रो के इतिहास का सबसे महान थ्रोअर माना जाता है. आज तक का सबसे लंबा थ्रो फेंकने का रिकॉर्ड बनाने वाले जैलेज्नी चेक रिपब्लिक के निवासी हैं और पूर्व ओलंपिक चैंपियन हैं. दोहा में नीरज अपने नए कोच जैलेज्नी के आने के बाद पहली बार किसी कॉम्पिटीशन में उतर रहे थे. इसके चलते उन पर खुद को साबित करने का दबाव था, जिसे उन्होंने रिकॉर्ड थ्रो के साथ खत्म कर दिया है.

पहले ही थ्रो में नीरज ने साबित कर दी थी जीत
नीरज ने दोहा में लंबे समय बाद कॉम्पिटीशन में उतरने का जरा भी असर नहीं दिखाया. उन्होंने 88.44 मीटर के बेहतरीन थ्रो के साथ शुरुआत की, जिसने उनकी जीत लगभग पक्की कर दी थी. नीरज का दूसरा थ्रो गलत रहा, जिसे रजिस्टर नहीं किया गया. तीसरे थ्रो में उन्होंने 90.23 मीटर की रिकॉर्ड थ्रो के साथ जीत पूरी तरह तय कर दी. दूसरे नंबर पर पिछले साल के डायमंड लीग चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 85.64 के साथ रहे. 

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