Advertisement
हिंदी न्यूज़स्पोर्ट्स

IPL ऑक्शन के मुद्दे पर यूं Raina ने चुकाया Dhoni के पक्के दोस्त होने का कर्ज, बातें करेंगी CSK को सन्न!

पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना ने स्पष्ट किया कि एमएस धोनी की सीएसके की नीलामी के फैसले में सीमित भागीदारी है और मुख्य प्रबंधन समूह अधिकांश योजना को संभालता है.

Latest News
IPL ऑक्शन के मुद्दे पर यूं Raina ने चुकाया Dhoni के पक्के दोस्त होने का कर्ज, बातें करेंगी CSK को सन्न!
Add DNA as a Preferred Source

भारत के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना ने आईपीएल 2025 में CSK की परफॉरमेंस और जिन चुनौतियों का सामना टीम कर रही है उसके लिए चेन्नई सुपर किंग्स प्रबंधन को दोषी ठहराया, उन्होंने कहा कि एमएस धोनी की सीएसके की नीलामी रणनीति में न के बराबर भागीदारी थी, जिसके कारण टीम इस सीजन में फॉर्म में नहीं है. ध्यान रहे कि सीएसके का आईपीएल 2025 अभियान निराशाजनक रहा है, टीम लगातार खराब प्रदर्शन के बाद प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई है. शनिवार को, CSK को सीजन की सातवीं हार का सामना करना पड़ा, जब उसे सनराइजर्स हैदराबाद से पांच विकेट से हराया. यह हार आईपीएल 2025 में चेपॉक में उनकी लगातार चौथी हार थी.

जीतने वाले संयोजन की तलाश में, CSK ने अब तक अपने 27 खिलाड़ियों में से 20 खिलाड़ियों का इस्तेमाल किया है.अपने सबसे हालिया प्रदर्शन में, उन्होंने डेवाल्ड ब्रेविस को डेब्यू का मौका दिया और अपने सबसे युवा खिलाड़ी आयुष म्हात्रे को पारी की शुरुआत करने के लिए बढ़ावा दिया. हालाँकि, इस कदम से उनकी किस्मत में कोई खास बदलाव नहीं आया.

इस विषय पर स्टार स्पोर्ट्स पर बात करते हुए रैना ने कहा है कि,'काशी सर - मुझे लगता है कि वे लगभग 30 से 40 वर्षों से प्रशासन संभाल रहे हैं. और रूपा मैडम सभी क्रिकेट प्रशासन का प्रबंधन कर रही हैं(खिलाड़ियों को खरीदना, कोर ग्रुप को बनाए रखना)  लेकिन हर कोई जानता है कि इस बार खरीदे गए खिलाड़ियों का चयन ठीक से नहीं किया गया. 

रैना ने इस लोकप्रिय धारणा को खारिज कर दिया कि धोनी हर CSK नीलामी निर्णय के पीछे मास्टरमाइंड हैं. रैना ने कहा कि, वे हमेशा कहते हैं कि एमएस धोनी अंतिम फैसला लेते हैं.  लेकिन सच कहूं तो, मैं कभी भी किसी नीलामी में शामिल नहीं हुआ.  

मैं कभी भी उन चर्चाओं का हिस्सा नहीं रहा.  मैं हमेशा उन खिलाड़ियों के बारे में बात करता था जिन्हें रिटेन किया गया था. एमएस को इस बारे में फैसला लेना पड़ सकता है कि किसी खिलाड़ी को आगे बढ़ाना है या नहीं - लेकिन वह इसमें शामिल नहीं हैं. 

रैना ने धोनी की प्रतिबद्धता और दूसरों के फीके प्रयासों के बीच के अंतर को उजागर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

रैना के अनुसार, 'कोर ग्रुप नीलामी को संभालता है. आप कल्पना कर सकते हैं, धोनी इस तरह की नीलामी नहीं कर सकते. वह शायद चार या पांच खिलाड़ियों का नाम बताए जिन्हें वह चाहते हैं, और उनमें से कुछ को रिटेन किया जाएगा.

भले ही कोई अनकैप्ड खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर रहा हो, एमएस धोनी को देखें,43 वर्षीय कप्तान होने के बावजूद भी वह अपना सब कुछ दे रहे हैं.'

वहीं अपनी बातों में रैना ने यह भी कहा कि, वह सिर्फ़ ब्रांड, अपने नाम और प्रशंसकों के लिए खेल रहे हैं - और अभी भी प्रयास कर रहे हैं. 43 साल की उम्र में, वह विकेटकीपिंग कर रहे हैं, कप्तानी कर रहे हैं, पूरी टीम को अपने कंधों पर उठा रहे हैं. लेकिन बाकी दस खिलाड़ी क्या कर रहे हैं?"

'जिन लोगों को 18 करोड़, 17 करोड़, 12 करोड़ रुपये मिलते हैं - वे कप्तान को जवाब नहीं दे रहे हैं. खासकर तब जब आप पहले कभी कुछ टीमों से नहीं हारे हैं - इसमें सुधार की ज़रूरत है. आपको पहचानना होगा - क्या यह खिलाड़ी मैच जीतने वाला है?'

'क्या मैं अगले मैच में इस खिलाड़ी पर भरोसा कर सकता हूं? ऐसे खिलाड़ी हैं जो सालों से खेल रहे हैं - यहां तक कि पुराने खिलाड़ी भी. लेकिन परिणाम क्या हैं? आप हार रहे हैं. हर बार वही गलतियां हो रही हैं.'

रैना ने यह सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकाला कि एक बड़ा बदलाव हो सकता है, जिसकी अगुआई संभवतः धोनी खुद करेंगे.

बहरहाल जिक्र CSK का हुआ है तो बता दें कि टीम के पास अभी भी 5 गेम बचे हैं, लेकिन प्लेऑफ़ के लिए उनका रास्ता अभी लगभग बंद है. दिलचस्प बात यह है कि इतिहास बताता है कि जब भी CSK का सीज़न खराब होता है, तो अक्सर इसके बाद एक मज़बूत वापसी होती है. जिससे वे फिर से चैंपियनशिप जीतने वाली टीम बन जाती है.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement