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भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर Dope Test में फेल, Tokyo Olympics में ले चुका है भाग, अब लगेगा इतने साल का बैन

Dope Test में दूसरी बार फेल होने वाले एथलीट पर 8 साल का बैन लगाया जाता है. यदि इस जैवलिन थ्रोअर पर यह बैन लगता है तो उसका करियर यहीं पर खत्म हो जाएगा.

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भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर Dope Test में फेल, Tokyo Olympics में ले चुका है भाग, अब लगेगा इतने साल का बैन
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Tokyo Olympics 2020 में भारत की तरफ से भाग ले चुके एक जैवलिन थ्रोअर पर 8 साल का बैन लगने जा रहा है. ओलंपियन जैवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह (Shivpal Singh) अपने करियर में दूसरी बार डोप टेस्ट (Dope Test) में फेल हो गया है. इस साल की शुरुआत में लिए गए उसके यूरिन सैंपल में स्टेरॉयड्स के अंश पाए गए हैं. इस डोप टेस्ट की रिपोर्ट अब आई है, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. शिवपाल सिंह फिलहाल पटियाला स्थित NIA में ट्रेनिंग कर रहे हैं, जहां से उन्हें वापस घर भेज दिया गया है.

दूसरी बार पाया गया है शिवपाल का डोप टेस्ट पॉजिटिव
शिवपाल सिंह अपने करियर में दूसरी बार डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं. इससे पहले भी उन्हें साल 2021 में एक आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट में स्टेरॉयड्स लेने का दोषी पाया गया था. इस बार भी उनका आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट ही पॉजिटिव निकला है. PTI ने अपनी रिपोर्ट में इस मामले की जांच से जुड़े एक शख्स के हवाले से शिवपाल सिंह के दूसरी बार पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि की है. उस शख्स ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा,'हां उसका (शिवपाल) टेस्ट प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाया गया है. यह उसका दूसरा डोप अपराध है. यदि वह दोषी पाया जाता है तो उसका करियर यहीं खत्म हो जाएगा, क्योंकि NADA और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) के नियमों के हिसाब से दूसरी बार डोपटेस्ट में फेल होने वाले एथलीट पर अधिकतम 8 साल का बैन लगाया जा सकता है.

दोहा एशियन चैंपियनशिप में जीता था सिल्वर मेडल
शिवपाल के करियर का बेस्ट परफॉर्मेंस दोहा में 2019 में हुई एशियन चैंपियनशिप में आया था, जहां उन्होंने 86.23 मीटर जैवलिन थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता था. इसके बाद 2021 में डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर NADA ने अगस्त, 2022 में शिवपाल के ऊपर बैन लगा दिया था. शिवपाल पर 4 साल का बैन लगाया गया था, जिसे 2021 से शुरू माना गया था. 

पहली बार बैन का टाइम हो गया था कम
शिवपाल ने अपने ऊपर लगे बैन के खिलाफ नाडा के अपील पैनल में याचिका दाखिल की थी, जहां उन्होंने अपने डोप टेस्ट में असफल होने के पीछे 'दूषित पूरक पदार्थ' होने का तर्क दिया था. अपील पैनल ने जनवरीस 2023 में सुनवाई के बाद शिवपाल के इस तर्क को सही मानते हुए उनके ऊपर लगे 4 साल के बैन को घटाकर एक साल का कर दिया था. शिवपाल ने अप्रैल 2023 में मैदान पर वापसी की थी और भुवनेश्वर में उस साल जून में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल अपने नाम किया था. इसके बाद उन्होंने गोवा नेशनल गेम्स 2023 में गोल्ड मेडल भी जीता था.

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