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ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल करने के लिए एक खिलाड़ी को तीन जीएम मानदंडों को सुरक्षित करना होता है.
डीएनए हिंदी: भरत सुब्रमण्यम भारत के 73वें ग्रैंडमास्टर बन गए हैं. अखिल भारतीय शतरंज महासंघ ने रविवार को पुष्टि की कि 14 साल के भरत अगले ग्रैंडमास्टर होंगे. चेन्नई के शतरंज खिलाड़ी ने अपना अंतिम ग्रैंडमास्टर नॉर्म पूरा किया. इटली में वर्गानी कप ओपन में उन्होंने 2500 रेटिंग को पार कर लिया. सुब्रमण्यम कैटोलिका में नौ राउंड से 6.5 अंक हासिल कर सातवें स्थान पर रहे.
ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल करने के लिए एक खिलाड़ी को तीन जीएम मानदंडों को सुरक्षित करना होता है साथ ही 2500 एलो पॉइंट्स की लाइव रेटिंग को पार करना होता है.
अखिल भारतीय शतरंज महासंघ ने भरत को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी. उन्होंने अपनी वेबसाइट पर लिखा, चौदह वर्षीय भरत सुब्रमण्यम अपना अंतिम जीएम नॉर्म पूरा कर, इटली में वर्गानी कप ओपन में 2500 रेटिंग पार करने के बाद देश के 73 वें ग्रैंडमास्टर बन गए. अखिल भारतीय शतरंज फेडरेशन ने भरत को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी. पिछले साल नवंबर में कोलकाता के मित्रभा गुहा भारत के 72वें ग्रैंडमास्टर बने थे.
भारत का ग्रैंडमास्टर क्या होता है
दुनिया में खिलाड़ी को 'ग्रैंडमास्टर' का खिताब शतरंज की सर्वोच्च संस्था “विश्व शतरंज महासंघ” द्वारा दिया जाता है. यह शतरंज की दुनिया में दिया जाने वाला यह सर्वोच्च खिताब है. भारत में यह खिताब अखिल भारतीय शतरंज महासंघ अनाउंस करता है.
वर्तमान में दुनिया में 1721 लोगों के पास ग्रैंडमास्टर का खिताब है. विश्व में सबसे अधिक ग्रैंड मास्टर्स का खिताब रूस के खिलाड़ियों के पास है, इसके बाद अमेरिका (101) और भारत में कुल 73 ग्रैंड मास्टर हैं.