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Ind vs Aus: Sunil Gavaskar ने भारत आर्मी को दिया कड़ा संदेश, राष्ट्रीय ध्वज पर नाम लिखने को लेकर कह दी बड़ी बात

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने हाल ही में भारत आर्मी ग्रुप को लेकर अपनी चिंता जताई है. उन्होंने इस ग्रुप से भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला..

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Ind vs Aus: Sunil Gavaskar ने भारत आर्मी को दिया कड़ा संदेश, राष्ट्रीय ध्वज पर नाम लिखने को लेकर कह दी बड़ी बात
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भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने भारत आर्मी से (Bharat Army) आग्रह किया है कि वह भारतीय राष्ट्रीय ध्वज पर अपना नाम या ग्रुप का नाम न लिखें. सुनील गावस्कर ने यह टिप्पणी उस दौरान की जब वह एबीसी स्पोर्ट्स के साथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में चल रहे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border-Gavaskar Trophy) के पहले टेस्ट मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे थे. 

राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का रखें ध्यान
गावस्कर ने कहा कि भारत आर्मी को सम्मानजनक तरीके से भारतीय ध्वज का उपयोग करना चाहिए और इसे किसी भी रूप में एक कपड़े या कस्टम यूनिफॉर्म के रूप में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. उनका कहना था कि भारतीय ध्वज के बारे में हमारा कानून स्पष्ट है, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज को किसी कपड़े, परिधान या कंबल पर प्रिंट करने की अनुमति नहीं है. गावस्कर ने आगे कहा, 'अगर भारत आर्मी अपना नया ध्वज बनाए, तो मैं खुद उसे गर्व से पहनूंगा.' उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय ध्वज का असली महत्व और प्रतिष्ठा समझना बहुत जरूरी है और ऐसा नहीं लगता कि कुछ भारत आर्मी के सदस्य इसकी सही मायने में समझ रखते हैं. 

भारत आर्मी का योगदान सराहनीय
गावस्कर ने भारत आर्मी के योगदान की सराहना भी की, जो भारतीय क्रिकेट टीम को दुनियाभर में समर्थन देती है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि 'हम भारत के लोग और मैं, उनका आभार व्यक्त करते हैं, लेकिन कृपया राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें और उसे अपने ग्रुप के नाम से न सजाएं.'


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कानूनी दृष्टिकोण
भारत में राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान भारतीय सम्मान अधिनियम, 1971 के तहत किया जाता है, जो यह स्पष्ट करता है कि राष्ट्रीय ध्वज को किसी भी प्रकार के फैशन एक्सेसरी, जैसे कि कपड़े, चादर, या कंबल के रूप में नहीं पहनना चाहिए. सुनील गावस्कर का यह बयान राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है और भारत आर्मी जैसे बड़े ग्रुप से यह उम्मीद है कि वे भारतीय ध्वज की गरिमा बनाए रखें. 

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