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खेल मंत्रालय ने 2026 एशियाई खेलों से पहले बड़ा बदलाव किया है, जिसके बाद भारतीय फुटबॉल टीम को बड़ा झटका लगा है. यहां जानिए पूरा मामला क्या है.
खेल मंत्रालय ने 2026 एशियाई खेलों में चयन के लिए कड़े मानकों का खुलासा करते हुए कहा कि पदक जीतने के वास्तविक दावेदार खिलाड़ियों को ही मौका मिलेगा और सरकारी खर्चे पर नहीं जाने के बावजूद अतिरिक्त कोचों और सहयोगी स्टाफ को जाने की अनुमति नहीं मिलेगी . मंत्रालय की वेबसाइट पर बुधवार को डाले गए पांच पन्ने के दस्तावेज में साफ तौर पर कहा गया है कि एशियाई स्तर पर व्यक्तिगत रैंकिंग में शीर्ष छह और टीम खेलों में शीर्ष आठ में रहने वाले खिलाड़ियों को ही राष्ट्रीय महासंघ नामांकित कर सकेंगे.
एशियाई खेल जापान के नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खेले जायेंगे. मंत्रालय ने कहा, हमारा लक्ष्य ये सुनिश्चित करना है कि पदक जीतने के वास्तविक दावेदारों को ही बहु खेल टूर्नामेंटों में भागीदारी के लिये मौका मिले.
इसमें कहा गया, "अगर मंत्रालय या भारतीय खेल प्राधिकरण को पता चला कि पदक जीतने नहीं बल्कि सिर्फ भागीदारी के लिए कोई जा रहा है तो ऐसे खिलाड़ियों और टीमों को अनुमति नहीं दी जायेगी. सिर्फ वही खिलाड़ी, कोच और सहयोगी स्टाफ भारतीय दल का हिस्सा होंगे जिनका नाम सरकारी खर्च पर जाने के लिए मंजूर किया गया है. इसके अलावा कोई अतिरिक्त खिलाड़ी, कोच या सहयोगी स्टाफ शामिल नहीं होगा भले ही उसका खर्च सरकार को वहन नहीं करना पड़ रहा हो."
अक्सर खिलाड़ी अपने निजी कोचों या सहयोगी स्टाफ को अपने खर्च पर ले जाने की मांग करते हैं जिस पर विवाद होता है. ये चयन मानदंड राष्ट्रमंडल खेल (जुलाई अगस्त 2026), पैरा एशियाई खेल, एशियाई इंडोर खेल, एशियाई बीच खेल, युवा ओलंपिक, एशियाई युवा खेल और कॉमनवेल्थ युवा खेल पर भी लागू होंगे. चयन का आधार पिछले 12 महीने का प्रदर्शन होगा. नई नीति में ओलंपिक या ऐसे इंटरनेशनल टूर्नामेंट नहीं हैं, जिनमे खिलाड़ी या टीम की भागीदारी संबंधित इंटरनेशनल महासंघों द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर होती है.
बयान में कहा गया, "राष्ट्रीय खेल महासंघ ऐसे खिलाड़ी का नामांकन कर सकते हैं, जिसने इंटरनेशनल खेल महासंघ द्वारा उस खेल की स्पर्धा में पिछले 12 महीने में पिछले एशियाई खेलों में छठे स्थान के प्रदर्शन की बराबरी की हो या उससे बेहतर किया हो."
मुश्किल मानकों के कारण भारतीय फुटबॉल टीम के लिए इन खेलों में भाग लेना कठिन हो जाएगा. क्योंकि वर्तमान में वो फीफा रैंकिंग में एशियाई स्तर पर 24वें स्थान पर है. मंत्रालय ने कहा कि नए दिशानिर्देश एक पारदर्शी और उचित ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं. बता दें कि भारत ने 2023 एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 28 स्वर्ण सहित 106 पदक जीते थे.
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