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एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर लगातार 9वीं बार चैंपियनशिप अपने नाम कर ली. संजय राउत ने आगे कहा कि अगर वास्तव में इतनी ही देशभक्ति थी तो खिलाड़ियों को पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में ही नहीं उतरना चाहिए था.
एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया, लेकिन जीत के बाद विवाद भी खड़ा हो गया. भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. टीम का कहना था कि ट्रॉफी किसी और अधिकारी द्वारा दी जानी चाहिए. अब इस फैसले पर शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने सवाल उठाते हुए बीसीसीआई और खिलाड़ियों पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है.
एशिया कप फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर लगातार 9वीं बार चैंपियनशिप अपने नाम कर ली. हालांकि, इस जीत के बाद जो घटना सामने आई, उसने खेल से ज्यादा विवादों को हवा दे दी. भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रॉफी मोहसिन नकवी से लेने से साफ मना कर दिया. नकवी एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन होने के साथ-साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय टीम चाहती थी कि ट्रॉफी किसी और अधिकारी द्वारा सौंपी जाए. इतना ही नहीं, फाइनल मुकाबले के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों से हाथ भी नहीं मिलाया. इस पूरे घटनाक्रम ने क्रिकेट और राजनीति के बीच के रिश्ते पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है.
इसी बीच, शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इस पर बीसीसीआई और भारतीय टीम को घेर लिया. राउत ने कहा, “15 दिन पहले जब सीरीज की शुरुआत हुई थी, तब मोहसिन नकवी से हाथ भी मिलाया और फोटो भी खिंचवाई गई थी. अब अचानक इतनी राष्ट्रभक्ति जाग गई है कि उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया गया? ये देश को सिर्फ नौटंकी दिखाना है.”
सीरीज़ की शुरुआत में, 15 दिन पहले, पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी के साथ हाथ भी मिलाया ,फोटो खिंचवाया
अभी ये लोग देश को नौटंकी दिखा रहे है!
इतनी राष्ट्रभक्ती आपके खुन में थी तो पाकिस्तान के साथ मैदान में नही उतरना था,
उपर से नीचे तक ड्रामा ही ड्रामा ।
🇮🇳 की जनता मूर्ख 👎 है pic.twitter.com/6SOBhG7lPP— Sanjay Raut (@rautsanjay61) September 29, 2025
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संजय राउत ने आगे कहा कि अगर वास्तव में इतनी ही देशभक्ति थी तो खिलाड़ियों को पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में ही नहीं उतरना चाहिए था. उन्होंने पूरे मामले को “ड्रामा” करार दिया. यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पहले से ही भारत-पाकिस्तान मुकाबलों को लेकर देश में विरोध और समर्थन की बहस चल रही थी. अब इस बयानबाजी ने खेल के रोमांच से ज्यादा राजनीतिक गर्मी बढ़ा दी है.
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