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Sachin Tendulkar Birthday: शारजाह की वो दो पारियां जिन्होंने तेंदुलकर को बनाया मास्टर ब्लास्टर

Sachin Tendulkar Birthday: सचिन तेंदुलकर की शारजाह में खेली गई दो ऐतिहासिक पारियों ने उन्हें 'मास्टर ब्लास्टर' बना दिया. 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये पारियां क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती हैं. उनके शानदार करियर को कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया.

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Sachin Tendulkar Birthday: शारजाह की वो दो पारियां जिन्होंने तेंदुलकर को बनाया मास्टर ब्लास्टर

Sachin Tendulkar Birthday (Image - X)

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Sachin Tendulkar Birthday: क्रिकेट की दुनिया में जब भी महान खिलाड़ियों की बात होती है, तो सबसे पहला नाम आता है सचिन तेंदुलकर. 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में जन्मे सचिन को उनके खेल और समर्पण के लिए 'क्रिकेट का भगवान' कहा जाता है. अपने 24 साल के करियर में उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए और करोड़ों दिलों पर राज किया. लेकिन शारजाह में खेले गए दो खास मुकाबले ऐसे रहे, जिन्होंने न सिर्फ उनकी पहचान को नया रूप दिया, बल्कि उन्हें 'मास्टर ब्लास्टर' की उपाधि भी दिलाई. ये दोनों पारियां 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ थीं, जिन्होंने क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए जगह बना ली. 

अकेले दम पर टीम को फाइनल में पहुंचाया

साल 1998, जगह थी शारजाह और सामने थी दुनिया की सबसे मजबूत टीम - ऑस्ट्रेलिया. इस सीरीज को कोका-कोला कप के नाम से जाना जाता है. पहला यादगार मैच 22 अप्रैल 1998 को खेला गया, जिसे 'डेजर्ट स्टॉर्म' के नाम से जाना जाता है. इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 143 रनों की शानदार पारी खेली थी. तूफानी मौसम और दबाव के बीच उन्होंने अकेले दम पर टीम को फाइनल में पहुंचाया. उस दिन उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सभी को चौंका दिया. 

सचिन की बैटिंग के आगे फीके पड़े गेंदबाज

इसके ठीक दो दिन बाद, 24 अप्रैल को सचिन का जन्मदिन था. उसी दिन फाइनल मुकाबला खेला गया और सामने फिर वही ऑस्ट्रेलिया की टीम थी. इस बार भी सचिन ने 134 रन की पारी खेली और भारत को जीत दिलाई. खास बात यह थी कि इसी दिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज डेमियन फ्लेमिंग का भी जन्मदिन था, लेकिन सचिन की बैटिंग के आगे वह फीके पड़ गए. 

तभी से उन्हें 'मास्टर ब्लास्टर' कहा जाने लगा.

इन दो ऐतिहासिक पारियों के बाद सचिन तेंदुलकर का कद सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में बढ़ गया. शारजाह में दिखाए गए उनके जज्बे, तकनीक और आत्मविश्वास ने यह साबित कर दिया कि वह किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख बदल सकते हैं. उन लम्हों ने उन्हें हर क्रिकेट प्रेमी के दिल का हीरो बना दिया. इन दो पारियों ने सचिन को केवल मैच विनर नहीं, बल्कि एक लीजेंड बना दिया. तभी से उन्हें 'मास्टर ब्लास्टर' कहा जाने लगा.  


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पुरस्कार और सम्मान:

  • सचिन तेंदुलकर को उनकी उपलब्धियों के लिए कई राष्ट्रीय सम्मान भी मिले. 
  • 1994: अर्जुन पुरस्कार
  • 1997: राजीव गांधी खेल रत्न
  • 1999: पद्मश्री
  • 2008: पद्मविभूषण
  • 2014: भारत रत्न (इस सम्मान को पाने वाले पहले खिलाड़ी बने)

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