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MS Dhoni: उम्र मायने नहीं रखती, फिटनेस और प्रदर्शन से तय होती है IPL की चुनौती, धोनी ने बताया आईपीएल खेलने का गुरुमंत्र

MS Dhoni: भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तानों में से एक, एमएस धोनी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में आईपीएल में खेलने को लेकर गुरुमंत्र दिया है. उन्होंने अपने आईपीएल अनुभवों के बारे में भी बात की.

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MS Dhoni: उम्र मायने नहीं रखती, फिटनेस और प्रदर्शन से तय होती है IPL की चुनौती, धोनी ने बताया आईपीएल खेलने का गुरुमंत्र

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चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने एक बार फिर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) पर भरोसा जताया है, जो 43 साल की उम्र में भी IPL खेलने के लिए खुद को फिट रखते हैं. धोनी का कहना है कि उन्हें अब भी खेल से उतना ही प्यार है, जितना करियर की शुरुआत में था. धोनी ने हाल ही में Garuda Aerospace's 'Ascend' इवेंट में कहा, 'मैं साल में सिर्फ दो महीने खेलता हूं, लेकिन मैं इसे उसी उत्साह के साथ एन्जॉय करना चाहता हूं, जैसा करियर की शुरुआत में करता था. इसके लिए मुझे 6 से 8 महीने की कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, क्योंकि IPL सबसे कठिन टूर्नामेंट में से एक है.'

भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जैसे टूर्नामेंट में खेलने के लिए उम्र नहीं, बल्कि फिटनेस और प्रदर्शन मायने रखता है. 43 साल की उम्र में भी वह अपनी फिटनेस पर लगातार मेहनत कर रहे हैं, ताकि CSK के लिए मैदान में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें.

CSK ने फिर दिखाया भरोसा
IPL 2025 नीलामी से पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने धोनी को रिटेन किया, जिससे साफ है कि टीम अब भी उनके अनुभव पर भरोसा कर रही है. धोनी IPL में अब तक CSK को 5 बार चैंपियन बना चुके हैं और उनके बिना टीम की कल्पना मुश्किल है. हालांकि, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से 2020 में संन्यास ले लिया था, लेकिन उनका कहना है कि अब उनकी प्रेरणा देश की बजाय खेल के प्रति प्यार है.


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देश के लिए खेलने की प्रेरणा
धोनी ने अपने करियर को याद करते हुए कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा लक्ष्य भारत का प्रतिनिधित्व करना था. उन्होंने कहा, 'मैं जिस राज्य (झारखंड) से आया हूं, वहां क्रिकेट को लेकर ज्यादा पहचान नहीं थी. इसलिए जब मुझे मौका मिला, तो मेरा सपना भारत को जिताना था. अब जबकि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, उनका मानना है कि खेल के प्रति उनका जुनून ही उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है. धोनी का कहना है कि अब उनका लक्ष्य सिर्फ क्रिकेट का आनंद लेना और मैदान के बाहर एक अच्छा इंसान बनना है, जिसे लोग सकारात्मक रूप में याद रखें.

(PTI Inputs)

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