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Kylian Mbappe Statement: वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद फ्रांस किलियम एम्बाप्पे ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने माना है कि उनकी टीम प्लान के हिसाब के प्रदर्शन नहीं कर सकी और उन्होंने ये भी कहा कि हारने के बाद भी सिर को ऊंचा रखना पड़ेगा.
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल मुकाबला बुधवार 15 जुलाई की तड़के सुबह 12.30 बजे फ्रांस और स्पेन के बीच खेला गया था. इस मैच में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हरा दिया है और वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया है. हालांकि, अब फ्रांस तीसरे स्थान के लिए दूसरे सेमीफाइनल की हारने वाली टीम से मुकाबला खेलेगी. लेकिन वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद फ्रांस किलियम एम्बाप्पे ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने माना है कि उनकी टीम प्लान के हिसाब के प्रदर्शन नहीं कर सकी और उन्होंने ये भी कहा कि हारने के बाद भी सिर को ऊंचा रखना पड़ेगा. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा है.
वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद क्या बोले एम्बाप्पे?
किलियन एम्बाप्पे ने हार के बाद खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, "जब आप जीतते हैं, तो सिर ऊंचा रखते हैं, लेकिन जब हारते हैं तब भी सिर ऊंचा रखना पड़ता है. टीम को इस हार से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा. हमने उस तरह का खेल नहीं खेला जैसा हम चाहते थे. चाहे बात रणनीति की हो, तकनीक की हो या पूरी टीम के प्रदर्शन की, हम अपने स्तर तक नहीं पहुंच पाए. विश्व कप सेमीफाइनल जैसे मुकाबले में अगर आप अपनी योजना को सही तरीके से लागू नहीं करते हैं तो जीतना मुश्किल हो जाता है."

एम्बाप्पे ने की स्पेन की तारीफ
एम्बाप्पे स्पेन की तारीफ करते हुए कहा, "स्पेन ने खेल को नियंत्रित करने में हमसे बेहतर प्रदर्शन किया है. हमने उन्हें मैच की गति तय करने का मौका दिया. जब स्पेन जैसी टीम गेंद पर नियंत्रण हासिल कर लेती है, तो उनके खिलाफ वापसी करना बहुत मुश्किल हो जाता है. हमें आमने-सामने की लड़ाई के लिए तैयार रहना था. स्पेन ऐसी टीम है जिसे ज्यादा दौड़ना पसंद नहीं है. जब हमने गेंद वापस हासिल की तो हमारे शुरुआती पास और टच उस स्तर के नहीं थे जो विश्व कप सेमीफाइनल में होने चाहिए थे."
फाइनल में न पहुंचने से निराश हैं एम्बाप्पे
एम्बाप्पे ने कहा, "ये बहुत निराशाजनक है. फाइनल में पहुंचना और अपने देश को सपने देखने का मौका देना हमारा लक्ष्य था. अभी हमारे पास शब्द नहीं हैं, लेकिन हमें खुद को संभालना होगा. छुट्टी के बाद हमें फिर से आगे बढ़ना होगा, क्योंकि क्लब और इंटरनेशनल स्तर पर अभी कई चुनौतियां बाकी हैं."