स्पोर्ट्स
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की सुरक्षा की श्रेणी बढ़ा दी गई है. हालांकि इसके पीछे की वजह अभी तक सामने नहीं आई है.
डीएनए हिंदी: भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कप्तान और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की सुरक्षा अचानक बढ़ाने का ऐलान कर दिया गया. पश्चिम बंगाल सरकार ने भारतीय क्रिकेट टीम के सौरव गांगुली की सुरक्षा बढ़ाकर ‘जेड’ श्रेणी में करने का फैसला किया है. एक सीनियर ऑफिशर ने यह जानकारी दी है. गांगुली को पहले ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी और इसकी अवधि खत्म होने के बाद मंगलवार को उनकी सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया गया. अधिकारी ने कहा, "गांगुली को दी गई सुरक्षा की अवधि खत्म हो गई थी, इसलिए प्रोटोकॉल के अनुसार एक समीक्षा की गई और इसे बढ़ाकर ‘जेड’ श्रेणी में करने का फैसला किया गया." अधिकारी ने कहा कि नई सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार अब 8 से 10 पुलिसकर्मी पूर्व क्रिकेटर की सुरक्षा में रहेंगे.
ये भी पढ़ें: ईशान और मुकेश कुमार ही नहीं, बिहार के इन क्रिकेटर्स ने भी IPL से बनाया है अपना नाम
‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा के तहत गांगुली के सुरक्षा घेरे में विशेष शाखा से तीन पुलिसकर्मी और इतनी ही संख्या में सुरक्षाकर्मी उनके बेहाला स्थित निवास की सुरक्षा करते थे. राज्य सचिवालय के प्रतिनिधि मंगलवार को गांगुली के बेहाला कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार और स्थानीय थाने के अधिकारियों के साथ बैठक की. अधिकारी ने कहा, "गांगुली फिलहाल अपनी आईपीएल क्रिकेट टीम दिल्ली कैपिटल्स के साथ दौरे पर हैं और 21 मई को कोलकाता लौटेंगे. उसी दिन से उन्हें ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मिलनी शुरू हो जाएगी."
'दीदी' को मिलती है Z+ की सुरक्षा
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्यपाल सीवी. आनंद बोस और तृणमूल कांग्रेस के सांसद और राष्ट्रीय सचिव अभिषेक बनर्जी को ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मिल रही है, जबकि फरहाद हाकिम और मोलॉय घटक जैसे राज्य सरकार के मंत्रियों को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाती है. भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को भी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों के साथ ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. हालांकि सुरक्षा की श्रेणी बढ़ाने को लेकर गांगुली की तरह से कोई डिमांड नहीं की गई थी. ऐसे में इसके पीछे की वजह क्या है ये आने वाले समय में ही पता चलेगा.
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.