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इमरान खान के बेटों ने कहा कि पाकिस्तान में कोई पारदर्शिता नहीं है और उन्हें पिता की सेहत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है. कासिम और सुलेमान ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भी आड़े हाथों लिया.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और पाकिस्तान की क्रिकेट टीम, दोनों इस समय गलत कारणों से चर्चा में हैं. इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज हारने के बाद सात खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को वापस देश भेजने के फैसले के कारण पीसीबी पहले से ही विवादों में है. अब पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी को आड़े हाथों लिया है.
इमरान खान के बेटों ने कहा है कि इंग्लैंड के खिलाफ हालिया लॉर्ड्स टेस्ट को छोड़ने की धमकी देकर बोर्ड ने खुद का मजाक बनवाया है. यह विवाद दूसरे टेस्ट के दौरान तब शुरू हुआ जब 'स्काई स्पोर्ट्स' ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन द्वारा खान के बेटों, सुलेमान और कासिम के साथ किए गए एक इंटरव्यू को प्रसारित किया. दोनों ने जेल में बंद अपने पिता की बिगड़ती सेहत और पाकिस्तान की जेल की स्थितियों के बारे में बात की. इसके बाद ऐसी खबरें आईं कि पीसीबी ने धमकी दी थी कि अगर इंटरव्यू का प्रसारण रद्द नहीं किया गया तो वे पहले दिन लंच के बाद मैदान पर नहीं उतरेंगे.
इमरान खान के बेटे कासिम ने रविवार को 'द टेलीग्राफ' से कहा कि पीसीबी ने खुद का मजाक बनवाया. सुलेमान ने इंटरव्यू पर पीसीबी की प्रतिक्रिया पर हैरानी जताते हुए कहा कि मुझे किसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद थी, लेकिन मैंने नहीं सोचा था कि वे इतने नासमझ होंगे कि मैदान पर न उतरने की धमकी देंगे. सुलेमान ने कहा कि इंटरव्यू को हटवाने की मांग करना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं होना चाहिए. यह राजनीति के बारे में नहीं, बल्कि मानवीय स्थिति और उनकी सेहत के बारे में था.
कासिम और सुलेमान ने इमरान खान को कैद में रखने को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं जताई हैं. दोनों ने कहा कि पाकिस्तान में उनके पिता को मार दिया जाएगा. वे उन्हें चुप कराना चाहते हैं और धीरे-धीरे उन्हें खत्म कर देना चाहते हैं. कासिम और सुलेमान ने कहा, "पाकिस्तान में इस समय सबसे लोकप्रिय व्यक्ति के साथ ऐसा करना बहुत मुश्किल काम है. जब भी हम बात करते हैं, तो उनकी रणनीति यही होती है कि सब कुछ ठंडा पड़ जाए और फिर और भी कठोर प्रतिबंध लगा दिए जाएं, जिससे उनके लिए जीवित रहना और भी मुश्किल हो जाए."
सुलेमान ने पाकिस्तानी अधिकारियों को लेकर कहा, "एक चिंताजनक बात जो सुनने में आ रही है, वह यह है कि वे उनकी खराब सेहत के बारे में खबरें धीरे-धीरे फैला रहे हैं और ऐसा दिखावा कर रहे हैं कि वे उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि असल में वे किसी बड़ी बुरी घटना की तैयारी कर रहे हैं. फिर वे अपना पल्ला झाड़ते हुए कह सकते हैं: 'वह तो बस एक बूढ़े आदमी थे जिनकी मौत हो गई, और हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं था.
इमरान खान के बेटों ने कहा कि पाकिस्तान में कोई पारदर्शिता नहीं है और उन्हें पिता की सेहत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है. कासिम और सुलेमान ने कहा, "वे किसी को भी जानकारी तक पहुंच नहीं देना चाहते, तो हम इनमें से किसी भी बात पर कैसे यकीन करें? आखिरी पक्की जानकारी हमें छह महीने पहले उनसे ही मिली थी, जब उन्होंने अपनी आंख के बारे में और इस बात का जिक्र किया था कि कैसे उसकी अनदेखी की गई थी."
(IANS इनपुट)