स्पोर्ट्स
गुजरात के खिलाफ पंजाब की टीम एक समय हार की ओर बढ़ती दिख रही थी. कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच रिकी पोंटिंग ने विजयकुमार वैशाक के रूप में ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला जिसका तोड़ शुभमन गिल की टीम नहीं ढूंढ पाई.
मंगलवार को पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच आईपीएल का पांचवां मुकाबला कई मायनों में खास था. मैच की पहली पारी खत्म होने के बाज पंजाब की जीत निश्चित लग रही थी. दूसरी पारी के 14वें ओवर तक गुजरात मुकाबले में काफी निकल गई थी और उसकी जीत तय दिख रही थी. तभी पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच रिकी पोंटिंग ने ऐसी रणनीति बनाई जिसने मुकाबले का रुख पलट दिया. पंजाब के लिए पहली बार कप्तानी कर रहे श्रेयस अय्यर ने पहले बैटिंग में कमाल किया. बॉलिंग के दौरान जब उनके गेंदबाज प्रभावहीन हो रहे थे, अय्यर ने ऐसे खिलाड़ी को मैदान पर उतार दिया जिसने 18 गेंदों में ही गुजरात की टीम को घुटनों पर ला दिया.
इस मैच में जब पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 243 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, तब गुजरात के लिए मुकाबले में बने रहना बड़ी चुनौती थी. शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर की ताबड़तोड़ पारियों ने ने केवल उसे मुकाबले में बनाए रखा, बल्कि जीत की हालत में पहुंचा दिया. 14वें ओवर के अंत में गुजरात का स्कोर 169/2 हो चुका था. पहली पारी में पंजाब ने 14 ओवर में 139 रन बनाए थे और उसके 4 विकेट गिर चुके थे. यानी गुजरात की टीम 30 रन आगे थी और उसके पास दो विकेट भी ज्यादा थे. ओस के चलते पंजाब के गेंदबाज कोई प्रभाव नहीं छोड़ पा रहे थे. डग आउट में बैठे कोच रिकी पोंटिंग चिंता में थे. कप्तान श्रेयस अय्यर भी टेंशन में थे, लेकिन वे मन ही मन रणनीति बना चुके थे.
मैच खत्म होने के बाद रिकी पोंटिंग ने बताया कि ओवर्स के बीच में उन्होंने श्रेयस को एक मैसेज भिजवाया. पोंटिंग ने श्रेयस से पूछा कि गुजरात को हर ओवर में 13-14 रन चाहिए. आप उन्हें कैसे रोकेंगे. श्रेयस ने जवाब में कहा कि आप विजयकुमार वैशाक को मैदान पर भेज दो. वो दो ओवर यॉर्कर गेंदें डालेंगे और हम मैच निकाल लेंगे.
पोंटिंग ने ऐसा ही किया. उन्होंने प्रियांश आर्य की जगह इंपैक्ट प्लेयर के रूप में विजयकुमार को भेजा. विजयकुमार ने 15वें और 17वें ओवर में गेंदबाजी की और केवल 10 रन दिए. श्रेयस की स्ट्रैट्जी के अनुरूप पहले दो ओवर में उनकी सभी गेंदें यॉर्कर लेंथ की थीं. कुछ गेंदें वाइड भी रहीं, लेकिन गुजरात के बल्लेबाज चौके-छक्के नहीं लगा पाए जिसकी उन्हें दरकार थी. नतीजा ये हुआ कि 19वें ओवर में विजयकुमार ने 18 रन दे भी दिए तो इसका मैच पर खास असर नहीं पड़ा. उनके पहले दो ओवरों ने ही मुकाबले को पंजाब के पक्ष में कर दिया था.
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