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FIFA World Cup 2026 Final: अर्जेंटीना की टीम आज यानी रविवार-सोमवार की रात (भारतीय समय के अनुसार) स्पेन के खिलाफ खिताबी मैच में भिड़ेगी.
लियोनेल मेसी को फुटबॉल की दुनिया का जादूगर माना जाता है. वो एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो नामुमकिन से दिखने वाले मौकों पर भी गोल दाग देते हैं और अपनी बेहतरीन पासिंग से सामने वाली टीम के मजबूत से मजबूत डिफेंस को भी तहस-नहस कर देते हैं. पिछले दो दशकों से दुनिया भर के मैनेजर और कोच बस इसी एक सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं कि आखिर मेसी को रोका कैसे जाए?
वैसे तो इस अर्जेंटीना के जादूगर को पूरी तरह थामने का दावा बहुत कम लोग कर सकते हैं, लेकिन 2014 के वर्ल्ड कप फाइनल में जर्मनी के पूर्व कोच योआखिम लो ने जो रणनीति अपनाई थी, वो आज भी किसी भी कोच के लिए एक परफेक्ट गाइडलाइन की तरह है. अक्सर टीमें मेसी को रोकने के लिए मैन-मार्किंग का सहारा लेती हैं, यानी एक खिलाड़ी को पूरे मैच में सिर्फ मेसी के पीछे लगा दिया जाता है. लेकिन मेसी इतने शातिर खिलाड़ी हैं कि वो उस मार्कर को अपने साथ खींचकर खेल के मैदान में दूसरी तरफ ले जाते हैं, जिससे बाकी खिलाड़ियों के लिए बड़ा स्पेस बन जाता है.
2014 के फाइनल में जर्मनी ने यह गलती नहीं की. मशहूर टैक्टिकल लेखक माइकल कॉक्स ने अपनी किताब में लिखा कि जर्मनी ने 2014 के फाइनल में मेसी के पीछे भागने के बजाय उनके चारों तरफ एक घूमता हुआ जोनल पिंजरा बना दिया. जैसे ही मेसी किसी खास एरिया में आते, जर्मनी का सबसे करीबी खिलाड़ी तुरंत उन्हें घेर लेता. साथ ही दो-तीन और खिलाड़ी पासिंग लाइन्स को ब्लॉक कर देते. वे मेसी के पीछे भागने के बजाय उन्हें रिले रेस के बैटन की तरह एक-दूसरे को सौंपते जाते. नतीजा यह हुआ कि मेसी जर्मन खिलाड़ियों की चलती-फिरती दीवार के बीच फंस गए.
मेसी को खुलकर खेलने के लिए मैदान के बीच में या राइट विंग पर नंबर 10 पॉकेट (खाली जगह) की जरूरत होती है. 2014 के उस फाइनल में जर्मनी के बास्टियन श्वाइनस्टाइगर ने अपनी टीम के लिए दीवार का काम किया. उनका एकमात्र मकसद मेसी तक बॉल की सप्लाई को काटना था. उन्होंने लगातार पीछे आकर टैकल किए और अर्जेंटीना के मिडफील्डर्स से मेसी तक आने वाले पासेज को ब्लॉक कर दिया. जब भी मेसी को बॉल मिलती, श्वाइनस्टाइगर तुरंत उन पर फिजिकल प्रेशर बना देते.
हम सब जानते हैं कि मेसी का बायां पैर कितना खतरनाक है. जब वो राइट विंग से अंदर की तरफ कट करते हैं, तो उन्हें रोकना असंभव हो जाता है. जर्मनी ने इससे निपटने के लिए अपने डिफेंडर्स को इस तरह पोजीशन करने को कहा जिससे मेसी अंदर आने के बजाय बाहर जाने पर मजबूर हो जाएं. उन्हें उनके कमजोर दाएं पैर पर खेलने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उनके शॉट मारने के एंगल खत्म हो गए.
अब 2026 के वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी को रोकने की यही जिम्मेदारी स्पेन के कप्तान रोड्री के कंधों पर होगी. मेसी स्पेन के मिडफील्ड और डिफेंस के बीच की खाली जगहों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे. दुनिया के बेहतरीन डिफेंसिव मिडफील्डर होने के नाते, रोड्री का काम मेसी तक बॉल पहुंचने से पहले ही उस खतरे को भांपना होगा.
मेसी को रोकने का सबसे सीधा तरीका है, उन्हें बॉल ही मत मिलने दो. रोड्री गेम के टेम्पो को कंट्रोल करने में उस्ताद हैं. अगर स्पेन बॉल को अपने पास ज्यादा समय तक रखने में कामयाब रहता है, तो मेसी को बॉल छूने के लिए अपने हाफ में बहुत पीछे आना पड़ेगा, जिससे गोल पोस्ट के पास उनका खतरा काफी कम हो जाएगा.
हालांकि, जब स्पेन मेसी को इस तरह घेरेगा, तो अर्जेंटीना के बाकी खिलाड़ी, खासकर रोड्रिगो डी पॉल, स्पेन के खिलाड़ियों को उकसाने और फिजिकल फाइट में उलझाने की कोशिश करेंगे. ऐसे में स्पेन को अपना आपा नहीं खोना है. अगर रोड्री और उनकी टीम ने अपना संयम बनाए रखा, तो वे इस महामुकाबले को अपने नाम कर सकते हैं.
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