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'वर्ल्ड कप फिक्स, हमारे साथ चीटिंग हुई', अर्जेंटीना से हार के बाद इजिप्ट के कोच का आरोप, जानें किस फैसले पर हुआ विवाद

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है. लेकिन इस मैच के खत्म होते ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.

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'वर्ल्ड कप फिक्स, हमारे साथ चीटिंग हुई', अर्जेंटीना से हार के बाद इजिप्ट के कोच का आरोप, जानें किस फैसले पर हुआ विवाद

अर्जेंटीना ने मिस्र को हराया (Image source- X/@Argentina)

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अटलांटा में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बुधवार (भारतीय समयानुसार 8 जुलाई 2026) को अर्जेंटीना ने मिस्र (इजिप्ट) को 3-2 से हरा दिया. एक समय मिस्र की टीम 2-0 से आगे चल रही थी, लेकिन अर्जेंटीना ने जबरदस्त वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया. इस हार के बाद मिस्र के हेड कोच होसाम हसन का गुस्सा फूट पड़ा है.

उन्होंने खुलेआम आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथ बेईमानी हुई है और उन्हें जानबूझकर टूर्नामेंट से बाहर किया गया है. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच होसाम हसन ने बेहद तीखे तेवर दिखाए. उन्होंने कहा, "मैं इसे सिर्फ खराब किस्मत कहकर बात को घुमाना नहीं चाहता. आज हमारे साथ नाइंसाफी हुई है, हमें सरेआम धोखा दिया गया है."

क्या था पूरा विवाद और VAR पर सवाल?

मिस्र की टीम इस मुकाबले में अंडरडॉग मानी जा रही थी, लेकिन मैच के 15वें मिनट में ही यासर इब्राहिम के शानदार हेडर की बदौलत उन्होंने 1-0 की बढ़त बना ली थी. विवाद तब शुरू हुआ जब मिस्र ने एक और गोल दागा, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने खेल के काफी पीछे जाकर लिसैंड्रो मार्टिनेज पर एक फाउल निकाला और मिस्र का वह गोल रद्द कर दिया. 

मैच के आखिरी पलों में अर्जेंटीना ने पलट दिया पासा

इसके बावजूद, मुस्तफा जीको ने एक बेहतरीन गोल दागकर मिस्र को 2-0 से आगे कर दिया. ऐसा लग रहा था कि मिस्र पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच देगा. लेकिन आखिरी पलों में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने मैच पलट दिया. पहले क्रिस्टियन रोमेरो ने गोल करके अंतर कम किया, और फिर लियोनेल मेसी ने इस वर्ल्ड कप का अपना 8वां गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया. इससे पहले मैच के पहले हाफ में मेसी एक पेनल्टी मिस कर चुके थे. 

विनिंग गोल के वक्त हुआ विवाद

सबसे बड़ा विवाद अर्जेंटीना के तीसरे और विनिंग गोल के वक्त हुआ, जिसे एन्जो फर्नांडीज ने किया. मिस्र का दावा है कि इस गोल से ठीक पहले अर्जेंटीना के एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने उनके खिलाड़ी की जर्सी खींची थी, जिसपर मिस्र को पेनल्टी मिलनी चाहिए थी. कोच हसन ने कहा, "मैदान पर निष्पक्ष खेल जैसा कुछ नहीं दिखा. हमारी पेनल्टी की अपील को VAR ने चेक तक नहीं किया, जबकि साफ दिख रहा था कि शर्ट खींची गई थी."

"वे मेसी और अर्जेंटीना को टूर्नामेंट में रखना चाहते थे"

कोच हसन यहीं नहीं रुके, उन्होंने फुटबॉल की बड़ी ताकतों और रेफरी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने इशारा किया कि स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी और डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप से बाहर होने से बचाने के लिए उन पर दबाव था. हसन ने कहा, "शायद वे चाहते थे कि वर्ल्ड कप के बड़े नाम और मौजूदा चैंपियन इस रेस में बने रहें. कभी-कभी फुटबॉल में खेल से अलग बाहरी ताकतें भी काम करती हैं." इस मैच में मिस्र के युवा गोलकीपर मुस्तफा शोबेर ने कमाल का प्रदर्शन किया, जिन्होंने मेसी की पेनल्टी भी रोकी. मेसी का वर्ल्ड कप में पेनल्टी मिस करने का खराब रिकॉर्ड यहां भी जारी रहा.

शेड्यूलिंग पर नाराजगी

कोच हसन ने अपनी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि मोहम्मद सालाह और ओमर मार्मश जैसे कुछ बड़े नामों को छोड़कर उनकी पूरी टीम मिस्र की घरेलू लीग से आती है. इसके बावजूद उन्होंने यूरोप के बड़े क्लबों में खेलने वाले अर्जेंटीना के स्टार्स को कड़ी टक्कर दी. इसके साथ ही उन्होंने दोपहर 12 बजे मैच रखे जाने पर भी नाराजगी जताई.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जिसने भी यह शेड्यूल बनाया है, उसने कभी फुटबॉल नहीं खेला. दोपहर 12 बजे लोग वॉक पर जाते हैं या ब्रंच करते हैं, फुटबॉल नहीं खेलते. खिलाड़ियों को सुबह 7:30 बजे खाना खाने पर मजबूर होना पड़ा." हसन ने साफ कहा कि इस नाइंसाफी के विरोध में वह अब इस वर्ल्ड कप का एक भी मैच आगे नहीं देखेंगे.

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