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Lovlina Borgohain: कॉमनवेल्थ 2022 (Commonwealth 2022) शुरू होने से पहले ही ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) चर्चा में थीं. अब विवादों को पीछे छोड़कर उन्होंने जोरदार आगाज किया है. स्टार बॉक्सर ने क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली है और मेडल से बस एक कदम दूर हैं.
डीएनए हिंदी: भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (70 किग्रा) ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीत के साथ शुरुआत की है. राष्ट्रमंडल खेलों की महिला लाइट मिडिलवेट वर्ग स्पर्धा में उन्होंने न्यूजीलैंड की 15 साल सीनियर अरियाना निकोलसन पर 5-0 की आसान जीत दर्ज की है. इस जीत के साथ ही उन्होंने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है. लवलीना से देशवासियों को पदक की उम्मीद है और अब वह मेडल से सिर्फ एक कदम दूर हौं.
Lovlina ने दिखाई आक्रामक मानसिकता
टोक्यो ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना (Lovlina Borgohain) ने मुकाबले में शुरुआत से ही बढ़त ले रखी थी. उन्होंने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की और 15 साल सीनियर न्यूजीलैंड की प्रतिद्वंद्वी को पूरे खेल के दौरान कभी वापसी का मौका नहीं दिया.
Indian boxer Lovlina Borgohain enters the Quarterfinals, as she packs New Zealand's Ariane Nicholson 5-0 in the women's 70 kg (light-middleweight) round of 16 clash. pic.twitter.com/OYZ5aRElPJ
— ANI (@ANI) July 30, 2022
लवलीना के खेल में अटैक के साथ डिफेंस का भी बेहतरीन सामंजस्य देखने को मिला है. पहले गेम से उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि विवाद और झगड़ों से परे प्रतियोगिता के लिए उन्होंने खेल के एक-एक पहलू पर पुरजोर मेहनत की है.
मेडल से एक कदम दूर हैं लवलीना
लवलीना का सामना अब क्वार्टर फाइनल में वेल्स की रोसी एसेल्स से होगा. इस मैच में जीतते ही प्रतियोगिता में उनका मेडल तो पक्का हो जाएगा. आगे के मैच में सिर्फ यह तय होगा कि इस स्टार बॉक्सर के मेडल का रंग कौन सा है.
बता दें कि नियमों के तहत, बॉक्सिंग में जो 2 खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचते हैं उन दोनों को ही ब्रॉन्ज मेडल मिलता है. फाइनल में जीतने वाले को गोल्ड और उपविजेता को सिल्वर मेडल मिलता है. देश को अपनी ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर से सोने के तमगा की उम्मीद है.
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CWG से पहले हुए थे कई विवाद
लवलीना के लिए पिछले कुछ दिन तनावपूर्ण रहे थे. पहले उन्होंने खेल गांव में अपने निजी कोच को एंट्री नहीं देने पर ट्वीट किया था. ट्वीट के बाद उनके कोच को तो एंट्री मिल गई लेकिन डॉक्टर और नेशनल कोच को खेल गांव से जाना पड़ा था. इसके बाद उन्होंने ओपनिंग सेरेमनी बीच में ही छोड़ दी थी. सेरेमनी छोड़ने के बाद एक घंटे तक वह खेल गांव में ही फंसी रह गई थीं.
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