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अभी नहीं होगी मोहम्मद शमी की गिरफ्तारी, अरेस्ट वारंट पर कोलकता हाई कोर्ट ने बरकरार रखी होल्ड

Mohammad Shami Arrest Warrant: भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने साल 2018 में उनपर मारपीट का मामला दर्ज कराया था.

अभी नहीं होगी मोहम्मद शमी की गिरफ्तारी, अरेस्ट वारंट पर कोलकता हाई कोर्ट ने बरकरार रखी होल्ड

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डीएनए हिंदी: आईपीएल (Indian Premier League) के 16वें संस्करण से पहले भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी (Mohammad Shami) को कोलकाता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोलकाता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) ने हाल ही में अलीपुर के सत्र न्यायाधीश द्वारा जारी भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर रोक बरकरार रखी है. मामला साल 2018 का है जब शमी की पत्नी हसीन जहां (Hasin Jahan) ने क्रिकेटर के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया था. जहां ने आरोप लगाया था कि शमी ने उनके साथ मारपीट की थी. आपको बता दें कि इस मामले के बाद दोनों अलग अलग रह रहे हैं. शमी की पत्नी ने इसके अलावा भी उनकर कई आरोप लगाया. 

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बता दें कि मार्च 2018 में हसीम जहां ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498A और धारा 354 के तहत जादवपुर पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज की था. जिसके कारण शमी के खिलाफ एफआईआर दायर किया गया. अलीपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 29 अगस्त 2019 को शमी और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. "समन के बजाय शमी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी करने के लिए मजिस्ट्रेट ने ये कारण बताया था कि भारतीय टीम में एक क्रिकेटर होने के कारण. समाज में एक बुरा संदेश जाएगा. इसलिए शमी के खिलाफ समन की बजाय गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था. 

इस वजह से जारी रही वारंट पर रोक

हालांकि इसके बाद शमी और उनके परिजनों ने अलीपुर के सत्र न्यायाधीश के सामने मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ रिविजन याचिका दायर किया और 9 सितंबर 2019 को शमी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी गई. अब इस मामले में सत्र न्यायाधीश ने आरेस्ट वारंट पर होल्ड बरकरार रखने का आदेश पारित किया है. रिविजन चाचिका की सुनवाई अभी भी पेंडिंग है. इसलिए सत्र न्यायाधीश के आदेश में हस्तक्षेप नहीं की गई है. 

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