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भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, 20 साल बाद मिली Commonwealth Games 2030 की मेजबानी; जानें कहां होगा आयोजन

Commonwealth Games 2030: कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी इंडिया को मिल गई है. 20 साल बाद इंडिया को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने का मौका मिला है. कॉमनवेल्थ गेम्स की आमसभी बैठक में इसकी मंजूरी मिल गई है.

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भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, 20 साल बाद मिली Commonwealth Games 2030 की मेजबानी; जानें कहां होगा आयोजन

Commonwealth Games 2030

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भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी इंडिया को मिल गई है. 20 साल बाद इंडिया को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने का मौका मिला है. कॉमनवेल्थ गेम्स की आमसभी बैठक में इसकी मंजूरी मिल गई है. बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व संयुक्त सचिव कुणाल, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा और गुजरात के खेल मंत्री हर्ष संघवी सहित अन्य लोगों ने किया. आइए जानते हैं कि कॉमनवेल्थ 2030 के गेम्स भारत में कहां खेले जाएंगे. कौनसा शहर इसकी मेजबानी करने वाला है?

भारत को मेजबानी मिलने पर क्या बोले कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष?

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ डोनाल्ड रुकारे ने कहा, ये कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत है. भारत व्यापकता, युवा शक्ति, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, अपार खेल-जुनून और प्रासंगिकता लेकर आता है. हम कॉमनवेल्थ गेम्स के अगले शतक की शुरुआत मजबूत स्थिति में कर रहे हैं. 

भारत के किस शहर में खेले जाएंगे गेम्स?

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में अपने 100 साल भी पूरे कर रहे हैं, लिहाजा ये संस्करण विशेष रहने वाला है. भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हासिल करना है. इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की दौड़ में भी है और अहमदाबाद को ही मेजबान शहर के रूप में पेश किया गया है. भारत ने इससे पहले 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था. लेकिन 2030 में इन खेलों को अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा, जिसने पिछले एक दशक में अपने खेल ढांचे को नए स्तर तक पहुंचाया है.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी के लिए भारत को नाइजीरिया के शहर अबुजा से कड़ी टक्कर मिल रही थी. लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने 2034 के खेलों की मेजबानी के लिए अफ्रीका के इस शहर के नाम पर विचार करने का फैसला किया. कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ये कॉमनवेल्थ गेम्स आंदोलन के भविष्य के लिए एक निर्णायक क्षण होगा. इसके 100 साल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा.

भारत ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो शुरुआती अनुमान 1600 करोड़ रुपये से कहीं अधिक था. चार साल में एक बार होने वाले इन खेलों में 72 देश हिस्सा लेते हैं, जिनमें से ज़्यादातर पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश हैं.

अहमदाबाद ने हाल के महीनों में कॉमनवेल्थ भारोत्तोलन चैंपियनशिप, एशियाई एक्वेटिक्स चैंपियनशिप और फुटबॉल के एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2026 क्वालीफायर की मेजबानी की. ये शहर अगले साल एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप और एशिया पैरा-तीरंदाजी कप की मेजबानी करेगा. इसके अलावा 2029 में वर्ल्ड पुलिस और अग्निशमन खेल अहमदाबाद, गांधीनगर और एकता नगर में आयोजित किए जाएंगे.

सरदार वल्लभभाई पटेल खेल परिसर उन प्रमुख स्थलों में से एक है, जिसको इन खेलों के लिए तैयार किया जा रहा है. इनमें एक लाख से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम भी शामिल है. इसके अलावा इस परिसर में एक जलक्रीड़ा केंद्र और एक फुटबॉल स्टेडियम के साथ-साथ इनडोर खेलों के लिए दो मैदान भी होंगे. इस परिसर के अंदर 3,000 लोगों के रहने की क्षमता वाला खेल गांव भी बनाया जाएगा.

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