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CWG 2022: भारत के दो और मुक्कबाज़ों ने पदक किया पक्का, जानें Boxing में कितने पदक हुए सुनिश्चित

भारतीय मुक्केबाजों ने अभी तक 5 पदक पक्के कर लिए हैं, जबकि पदक की सबसे बड़ी दावेदार लवलीना हारकर बाहर हो चुकी हैं.

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CWG 2022: भारत के दो और मुक्कबाज़ों ने पदक किया पक्का, जानें Boxing में कितने पदक हुए सुनिश्चित

Indian Boxer in CWG 2022

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डीएनए हिंदी: महिलाओं की 60 किलोग्राम भारवर्ग में जैस्मिन लंबोरिया ने भारत के लिए एक और पदक पक्का कर लिया है. जैस्मिन ने क्वार्टरफाइनल में न्यूजीलैंड की ट्रॉय गार्टन को 4-1 से मात दी. आपको बता दें कि ये बॉक्सिंग में भारत का बर्मिंघम में पांचवा पदक है. इससे कुछ ही देर पहले अमित पंघल ने फ्लाइवेट के क्वार्टरफाइनल में स्कॉटलैंड के लेलन मुलीगन को एकतरफा मुकाबले में मात दी थी. खेलों के छठे दिन भारत की सबसे बड़ी पदक की दावेदारों में से एक लवलीना को हार का सामना करना पड़ा था.

जैश्मिन ने पहले राउंड में शानदार शुरूआत की और अपनी विपक्षी मुक्केबाज पर दबदबा बना लिया. दूसरे दौर में भी भारतीय मुक्केबाज अपनी प्रतिद्वंदी पर भारी पड़ी. तीसरे दौर की शुरुआत में गार्टन ने वापसी की कोशिश की और कुछ अच्छे पंत लगाए लेकिन आखिरी पलों में जैस्मिन ने आक्रामक खेल दिखाया और रेफरी को अपने पक्ष में फैसला देने पर मजबूर कर दिया.

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इससे पहले अमित पंघल ने गुरूवार को राष्ट्रमंडल खेलों के फ्लाईवेट (48-51 किग्रा) स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत का मुक्केबाजी रिंग से चौथा पदक पक्का कर दिया. 2018 गोल्ड कोस्ट में पिछले संस्करण के रजत पदक विजेता पंघल ने स्कॉटलैंड के लेनन मुलीगन के खिलाफ सर्वसम्मत फैसले में जीत दर्ज की. मुकाबला ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं था लेकिन 26 साल के भारतीय मुक्केबाज ने अपने से युवा स्कॉटिश प्रतिद्वंद्वी को अपने मजबूत डिफेंस से थका दिया.

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पंघाल ने तेज तर्रार जवाबी हमले से बीच बीच में अंक जुटाये. पहले दो राउंड में पंघल ने गार्ड डाउनरखते हुए मुलीगन को आक्रामक होने के लिये उकसाया लेकिन फुर्ती से उनकी पहुंच से बाहर बचते रहे. बीच बीच में उन्होंने बायें हाथ से पंच जड़कर 20 साल के प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को पछाड़ा. अंतिम राउंड में उन्होंने वन-टूसे मुक्के जड़े और राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दूसरा पदक पक्का किया. इससे पहले निकहत जरीन (50 किग्रा), नीतू गंघास (48 किग्रा) और मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) भी सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने वर्गों में पदक पक्के कर चुके हैं.

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