धर्म
हिंदू धर्म में किए जाने वाले प्रत्येक अनुष्ठान का अपना अनुष्ठान और तरीका होता है. हिंदू धर्म में भी दाह संस्कार के दौरान अपने नियमों का पालन किया जाता है. हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार रात में क्यों नहीं किया जा सकता? दाह संस्कार दिन में ही क्यों किया जाता है?
इस धरती पर जन्म लेने वाले प्रत्येक प्राणी को आज नहीं, कल ही इस धरती को छोड़ना होगा. जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसका अंतिम संस्कार उसके संबंधित धर्म की परंपराओं के अनुसार किया जाता है. इसी प्रकार हिंदू धर्म में अंत्येष्टि को लेकर भी एक विशेष परंपरा है. हिंदू धर्म में, जिस तरह बच्चे के जन्म पर सभी अनुष्ठान और समारोह किए जाते हैं, उसी तरह किसी व्यक्ति की मृत्यु पर भी अनुष्ठान और परंपराओं का पालन किया जाता है.
हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार और अनुष्ठान बहुत खास होते हैं. हिंदू धर्म में सूर्यास्त के बाद दाह संस्कार नहीं किया जा सकता . इसका मतलब यह है कि रात में अंतिम संस्कार करना निषिद्ध है. क्या आप जानते हैं कि हिंदू परंपरा के अनुसार, रात में दाह संस्कार क्यों नहीं किया जाना चाहिए?
1. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अंतिम संस्कार एक दर्दनाक और दुःखद घटना है, लेकिन यह मृतक की आत्मा की मुक्ति की दिशा में पहला कदम है. इसलिए दिन में अंतिम संस्कार करना शुभ माना जाता है .
2. दिन के समय सूर्य की किरणें पृथ्वी को स्पर्श करती हैं. यह सूर्य की किरणें पृथ्वी पर हर जीवित चीज़ के जीवन को फिर से भरने का काम करती हैं. दिन के समय सूर्य की किरणें मृत व्यक्ति की आत्मा को मोक्ष की ओर ले जाती हैं.
3. रात्रि का समय नकारात्मक शक्तियों के आवागमन का समय माना जाता है. इस समय नकारात्मकता या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है. इस समय अंतिम संस्कार करने से आत्मा नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव में आ सकती है. इसलिए रात्रि का समय अशुभ समय माना जाता है. अंतिम संस्कार जैसे पवित्र अनुष्ठानों के लिए रात्रि का समय शुभ नहीं माना जा सकता.
4. ऐसा माना जाता है कि दिन में अंतिम संस्कार करने से आत्मा को शांति और मोक्ष मिलता है.
5. हिंदू धर्म में अग्नि पराशर करके मृत व्यक्ति के शरीर को मुक्ति प्रदान की जाती है. यह हिंदू धर्म में दाह संस्कार की मुख्य विधि है . अग्नि को शक्ति और पवित्रता का स्रोत माना जाता है. चूंकि अग्नि भी ईश्वर का एक रूप है, इसलिए दिन के समय इसका प्रभाव और शक्ति अधिक होती है. इससे अंतिम संस्कार को सफल बनाने में मदद मिलेगी.
6. इसका सबसे आम कारण यह है कि रात में लोगों को भर्ती करना मुश्किल होता है. परिवार के सदस्य और रिश्तेदार दिन की तुलना में रात में अधिक एकत्र नहीं होते. इस कारण अंतिम संस्कार दिन में ही किया जाता है.
उपरोक्त कारणों से हिंदू धर्म में रात्रि में अंतिम संस्कार करना वर्जित है. दिन के समय अंतिम संस्कार करना सदैव शुभ एवं मंगलकारी होता है.हिंदू शास्त्रों में भी कहा गया है कि अंतिम संस्कार सूर्यास्त से पहले पूरा कर लेना चाहिए.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है, जो लोक कथाओं और मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टी नहीं करता है)
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