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AI के ज़माने में एस्ट्रोलॉजी की तरफ क्यों जा रही है Gen-Z, भारत में ज्योतिष ऐप बाजार कितनी है जानते हैं आप?

AI के जमाने में Gen-Z नए तरीके से आध्यात्मिकता और एस्ट्रोलॉजी की ओर लौट रहे हैं, यह जनरेशन धर्म और ज्योतिष को पर्सनल ग्रोथ का माध्यम मानती है. यही वजह है कि भारत में ज्योतिष का बाजार भी खूब फल-फूल रहा है...

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AI के ज़माने में एस्ट्रोलॉजी की तरफ क्यों जा रही है Gen-Z, भारत में ज्योतिष ऐप बाजार कितनी है जानते हैं आप?

why genz is turning to astrology

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मिलेनियल्स आमतौर पर धर्म और ज्योतिष को पुराने ख्यालात की बात मानते हैं, पर Gen-Z के साथ ऐसा नहीं है. दरअसल, Gen-Z का रुझान एस्ट्रोलॉजी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. AI के जमाने में Gen-Z नए तरीके से आध्यात्मिकता और एस्ट्रोलॉजी की ओर लौट रहे हैं. अगरबत्ती, हीलिंग क्रिस्टल्स, जन्म कुंडली, न्यूमरोलॉजी और एस्ट्रोलॉजी मीम्स ये सब अब सिर्फ धार्मिक विश्वास नहीं, बल्कि Gen-Z के सेल्फ-केयर और माइंडफुलनेस का हिस्सा बन चुके हैं. आइए समझते हैं आखिर जेन-जी में एस्ट्रोलॉजी की तरफ दिलचस्पी (Gen-Z and Astrology) क्यों बढ़ रही है, भारत में ज्योतिष ऐप बाजार कितनी है... 

एस्ट्रोलॉजी की तरफ क्यों जा रही है Gen-Z 

मिलेनियल्स के लिए धर्म-ज्योतिष घिसी-पिटी परंपराओं का डेफिनेशन थी, पर नई पीढ़ी धर्म और अध्यात्म को ब्लाइंड फेथ नहीं, बल्कि पर्सनल ग्रोथ का माध्यम मानती है. Gen-Z धर्म को बिना सवाल किए मानने की बजाय उन पहलुओं को अपना रहे हैं, जो उनकी मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है. इनमें राशि के हिसाब से डेली अफर्मेशन्स, मून साइकल के अनुसार प्लानिंग, रिलेशनशिप कॉम्पैटिबिलिटी के लिए कुंडली मिलाना आदि शामिल है. 

सोशल मीडिया का भी है असर

सोशल मीडिया पर Numerology, Astrology Memes, Mercury Retrograde और Birth Chart Readings खूब ट्रेंड कर रहे हैं और कुछ सेलिब्रिटीज का स्पिरिचुअल प्रैक्टिस से और धर्म गुरू, स्पिरिचुअल लीडर्स भी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच रहे हैं. सोशल मीडिया ने एस्ट्रोलॉजी को कूल बना दिया है और अब यह सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल चॉइस बन चुका है. 

जेन-जी और एस्ट्रोलॉजी

Gen-Z अपने करियर, लव लाइफ, फाइनेंसियल डिसीजन्स आदि के बारे में जानने में दिलचस्पी रखते हैं, यहां तक की अंक ज्योतिष और राशि के अनुसार ज्वैलरी, रंग और घड़ी आदि खरीदना रेमेडीज का हिस्सा बन चुके हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी एस्ट्रोलॉजी की डिमांड बढ़ रही है, जो ग्लोबल स्पिरिचुअल रिवाइवल का हिस्सा है. 

भारत में ज्योतिष बाजार

भारत में ज्योतिष मंदिरों से बाहर निकल कर अब तेज़ी से बढ़ता तकनीकी व्यवसाय बन चुका है, इसका एक बड़ा उदाहरण है एस्ट्रोटॉक. रिपोर्ट्स की मानें तो वित्त वर्ष 24 में एस्ट्रोटॉक जैसे प्लेटफ़ॉर्म ने ₹100 करोड़ से ज़्यादा का शुद्ध लाभ कमाया है. आंकड़ों की मानें तो भारत ज्योतिष ऐप बाजार का आकार 2024 में लगभग 163 मिलियन अमरीकी डॉलर था, 2030 तक 1,797 मिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. 

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