Advertisement

Mahabharat Yudh: धर्म और अधर्म के बीच लड़ा गया महाभारत का युद्ध सिर्फ 18 दिनों में ही क्यों खत्म हो गया था?

धर्म और अधर्म के बीच लड़ा गया महाभारत युद्ध कई कारणों से मात्र 18 दिनों में समाप्त हो गया. आज भी यह युद्ध हमें धर्म, न्याय और कर्तव्य का पाठ पढ़ाता है. जानिए क्यों महाभारत का युद्ध मात्र 18 दिनों में ही समाप्त हो गया था?

Latest News
Mahabharat Yudh: धर्म और अधर्म के बीच लड़ा गया महाभारत का युद्ध सिर्फ 18 दिनों में ही क्यों खत्म हो गया था?

महाभारत युद्ध केवल 18 दिन ही क्यों चला था?

Add DNA as a Preferred Source

महाभारत भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जो अनेक रहस्यों को अपने में समेटे हुए है. कुरुक्षेत्र की धरती पर लड़ा गया यह युद्ध सिर्फ पारिवारिक झगड़ा नहीं था, बल्कि धर्म और अधर्म, सत्य और असत्य के बीच का युद्ध था. कुरुक्षेत्र के युद्ध में कई प्राचीन राज्यों ने भाग लिया था, जो आधुनिक हरियाणा राज्य के कुरुक्षेत्र में हुआ था. अक्सर यह प्रश्न उठता है कि इतना भयानक युद्ध मात्र 18 दिनों में कैसे समाप्त हो गया? इसके कई कारण बताये गये हैं. आइये उसके बारे में जानें.
 
भीष्म पितामह का आशीर्वाद
पितामह भीष्म को इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त था. उन्होंने पांडवों को अपनी मृत्यु का रहस्य बताया था, जिसके अनुसार यदि शिखंडी उनके सामने होता तो वे हथियार नहीं उठाते. इस युक्ति का प्रयोग करते हुए अर्जुन ने भीष्म को बाणों से छेद दिया, जिसके बाद वे शरशय्या पर युद्ध के दसवें दिन ही लेट गए. भीष्म के पतन से कौरव सेना का मनोबल गिर गया.

सिमित थी युद्ध की अवधि 
महाभारत युद्ध के कुछ नियम थे जिनका पालन दोनों पक्षों को करना था. सूर्यास्त के बाद युद्ध रोक दिया गया और सेना ने रात्रि विश्राम किया. इससे युद्ध की अवधि सीमित हो गई.

दोनों पक्षों की शक्तिशाली सेनाएं
कौरवों और पांडवों दोनों के पास महान योद्धाओं, योद्धाओं और हथियारों से युक्त शक्तिशाली सेनाएँ थीं. दोनों पक्षों के बीच भीषण लड़ाई हुई, जिससे थोड़े समय में ही भारी क्षति हुई और युद्ध शीघ्र ही समाप्त हो गया.

कृष्ण की रणनीति
भगवान कृष्ण ने पांडवों का मार्गदर्शन किया और उनकी कूटनीति ने उन्हें विजय दिलाई. उनकी रणनीति ने युद्ध को निर्णायक मोड़ दिया और कौरवों की हार हुई.
 
समय का चक्र
कुछ विद्वानों का मत है कि महाभारत युद्ध एक विशिष्ट अवधि के लिए लड़ा जाना था. यह एक दैवीय योजना थी जिसका उद्देश्य धर्म की स्थापना करना था.

संख्या 18 से संबंधित युद्ध
महाभारत युद्ध में 18 अंक का बहुत महत्व है. क्योंकि महाभारत में कुल 18 अध्याय हैं. भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में अर्जुन को 18 दिनों तक गीता का ज्ञान दिया था. महाभारत का युद्ध भी 18 दिनों तक चला था. इस युद्ध के अंत में भी केवल 18 लोग ही बचे. दरअसल महर्षि वेदव्यास ने गणेश जी की मदद से इस ग्रंथ की रचना मात्र 18 दिनों में की थी. ऐसा माना जाता है कि जब इस ग्रंथ की रचना हुई थी तब महाभारत युद्ध नहीं हुआ था लेकिन ऋषियों ने अपनी दिव्य दृष्टि से युद्ध देखा था और श्री गणेश ने उसे लिख दिया था.

Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है. 

 अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement